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विश्वविद्यालय की परिनियमावली के साथ बदलेंगे कई कोर्स के नाम

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एप्लाइड केमिस्ट्री, फिजिक्स, मैथ्स जैसे कोर्स के छात्रों के तमाम नौकरियों में मान्य नहीं होते थे आवेदन
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विश्वविद्यालय में इस दिक्कत पर कई बार हो चुका है हंगामा, शिक्षा मंत्री तक पहुंच चुकी है शिकायत

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परिनियमावली में बदलाव कर कई पाठ्यक्रमों के नाम बदलने की तैयारी चल रही है। शासन से विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव की मंजूरी मिलते ही विश्वविद्यालय के एमएससी एप्लाइड के फिजिक्स, केमिस्ट्री आदि विषय के विद्यार्थियों को एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री की तरह नौकरियों में आवेदन करने का रास्ता खुल जाएगा।
परास्नातक स्तर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में कई विषयों में एमए, एमएससी के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। मगर रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित पाठ्यक्रमों के नाम दूसरों से भिन्न होकर उनके नाम के साथ एप्लाइड शब्द जुड़ा हुआ है। इस वजह से अन्य विश्वविद्यालयों से यह पाठ्यक्रम अंत:संबद्ध (इंटर रिलेटेड) न होकर भिन्न हो जाते हैं। कई बार परास्नातक योग्यता वाली नौकरी के आवेदनों में इन पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को मौका नहीं मिलता था। पिछले दिनों इन पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय विद्यालय, नवोदय और पीजीटी में आवेदन किया तो उन्हें अपात्र माना गया। इसे लेकर विश्वविद्यालय में खासा हंगामा भी हुआ था। अब इन छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए रुहेलखंड विश्वविद्यालय अपनी परिनियमावली में बदलाव कर इन कोर्स का नाम अन्य विश्वविद्यालयों की तरह ही करने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसे पूरा करके मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
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ज्यादा पढ़ाई के बावजूद हो जाते हैं बेकार
सामान्य पाठ्यक्रम से नाम अलग करके रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने संबंधित पाठ्यक्रम के कोर्स में बढ़ोत्तरी भी की है। इस वजह से इन कोर्स के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई भी ज्यादा करनी होती है, इसके बावजूद नौकरी में वरीयता मिलने के बजाय पाठ्यक्रम अमान्य बताकर उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है।

इन कोर्स के बदलेंगे नाम

एप्लाइड फिजिक्स, एप्लाइड केमिस्ट्री, एप्लाइड मैथ्स, एनीमल साइंस (जूलॉजी), प्लांट साइंस (बॉटनी), एप्लाइड एंड रीजनल इकनॉमिक्स, एप्लाइड एंड क्लीनिकल साइकोलॉजी, एप्लाइड साइकोकॉजी, एनशिएंट हिस्ट्री एंड कल्चर आदि।

शिक्षा मंत्री तक पहुंची शिकायत

छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए पिछले दिनों ददरौल (शाहजहांपुर) के विधायक मानवेंद्र सिंह ने एप्लाइड केमिस्ट्री के संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर अंत:संबद्ध विषय में शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के विज्ञापन संख्या-47 में केमिस्ट्री विषय के अंतर्गत एप्लाइड केमिस्ट्री को शामिल नहीं किया गया है, जबकि फिजिक्स एवं अंग्रेजी में एप्लाइड फिजिक्स और एप्लाइड अंग्रेजी को शामिल कर लिया गया है। विधायक के इस पत्र पर उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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विश्वविद्यालय के कुछ एप्लाइड विषयों के संबंध में पूर्व में संशोधन कराया गया था। अब विश्वविद्यालय की परिनियमावली में बदलाव कर अन्य कोर्स के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद अन्य कोर्स के नाम भी बदल जाएंगे। - प्रो. एसके पांडेय, प्रवेश समन्वयक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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