'हम सत्ता सुख के लिए राजनीति में नहीं आए'
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए आवाज अपना दल ने उठाई। हम उन लोगों में से नहीं हैं जो सत्ता के सुख के लिए राजनीति में हैं। हम हाशिए पर खड़े वंचित और शोषित समाज की आवाज हैं। नीट की परीक्षा में पिछड़ों के आरक्षण के लिए अपना दल ने आवाज उठाई। ओबीसी की क्रीमी लेयर की आय सीमा का दायरा बढ़ाने के लिए अपना दल ने आवाज उठाई। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग की भर्तियों में पिछड़े, दलित और शोषित समाज के लोगों को आरक्षण देने की मांग अपना दल ने उठाई। नतीजतन सरकार ने उसे लागू कराया।
उन्होंने कहा कि इस देश में जातिगत जनगणना की मांग अपना दल निरंतर कर रहा है। और भारत सरकार ने जातिगत जनगणना का निर्णय लिया है। अब हम पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए भी अपना दल ही आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद पंचायत चुनाव है। उसके कुछ समय बाद उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव है। अपना दल की गाड़ी को कार्यकर्ता प्रेम और स्नेह रूपी मतों से आगे बढ़ाएं। फिर देखें कि आपका अपना दल क्या कमाल करता है। आज यहां से सभी लोग एक संकल्प लेकर जाएं कि अपने बल से अपना दल को नंबर एक पार्टी बनाना है। हर पिछड़े, शोषित और वंचित की उम्मीद का दीया जलाना है।
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