कोर्ट की टिप्पणी- विवेचक निष्पक्ष नहीं, बरामदगी भी संदिग्ध
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि पेश किए गए मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों से आरोपियों से तमंचे व कारतूसों की बरामदगी संदिग्ध प्रतीत होती है। पुलिसकर्मियों के अतिरिक्त इसका कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। अभियुक्तों पर पुलिस टीम पर फायरिंग करने का आरोप है, लेकिन मौके से कोई खोखा नहीं मिला। पुलिस टीम की रवानगी का रोजनामचा दाखिल नहीं किया गया।
ऐसे में घटनास्थल पर पुलिस टीम की मौजूदगी संदिग्ध प्रतीत होती है। इस प्रकरण में विवेचक को भी निष्पक्ष नहीं कहा जा सकता। अभियोजन पक्ष तीनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप साबित करने में नाकाम रहा है। साक्ष्यों में विसंगतियां, विरोधाभास, संदिग्धता और त्रुटियां हैं। अभियुक्तों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए।