बरेली। विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बिजली आपूर्ति, फसल संबंधी योजनाओं और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों ने अधिकारियों को जमकर घेरा। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की हिदायत दी। जांच में तथ्य छिपाने का मामला सामने आने पर एडीओ कृषि का वेतन रोक दिया।
बैठक की शुरुआत में ही सीडीओ ने पुरानी शिकायतों की समीक्षा की। बहेड़ी के भूपेंद्र ने कीटनाशक का छिड़काव करने पर फसल खराब होने की शिकायत की थी। सीडीओ ने जांच अधिकारी एडीओ कृषि से जानकारी ली तो वह शिकायतकर्ता का नाम तक नहीं बता सके। अन्य बिंदु भी उनकी जांच में स्पष्टता नहीं मिली। इस पर सीडीओ ने एडीओ कृषि संजीव कुमार का एक माह का वेतन रोकने के साथ ही जांच के आदेश दिए।
किसानों ने बताया कि कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। ट्रांसफार्मर खराब होने पर शिकायतों के बावजूद समय पर समाधान नहीं होता। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने, बीज व उर्वरक संबंधी समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही के मुद्दे भी उठे।
किसानों ने बताया कि कुछ ब्लॉकों में कई वर्षों से एक ही अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। इससे सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर सीडीओ ने जल्द व्यवस्था में बदलाव करने का आश्वासन दिया। सीडीओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के निस्तारण के आदेश दिए।
मैं आपके साथ चलूंगी... देखती हूं कौन करता है कालाबाजारी
बैठक के दौरान किसानों ने खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग का मामला उठाया। इस पर सीडीओ ने कहा- अगर ऐसा हो रहा है तो मैं खुद आपके साथ चलूंगी। अगर शिकायत सही मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक लाइनमैन के भरोसे दस गांव, घंटों गुल रहती है बिजली
बहेड़ी, मीरगंज समेत अन्य इलाकों से आए किसानों ने अघोषित बिजली कटौती को लेकर अफसरों को घेरा। उन्होंने बताया कि निर्बाध आपूर्ति की बात सिर्फ कागजों तक सीमित है। देहात क्षेत्र में सिर्फ 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। दिन में सिर्फ तीन से चार घंटे ही बिजली आती है। ऐसे में सिंचाई समेत अन्य कार्य ठप हो गए हैं। फॉल्ट होने पर घंटों कोई कर्मचारी नहीं आता। ऐसा इसलिए कि एक लाइनमैन पर दस-दस गांव की जिम्मेदारी है।
बिजली कटौती से प्रभावित हो रही खेती
एक लाइनमैन पर दस गांवों की जिम्मेदारी है। अघोषित बिजली कटौती से कृषि व दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। - भूपेंद्र, गांव बरूआ हुसैनपुर
देहात क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। सिर्फ 10 से 12 घंटे ही बिजली आ रही है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - गजराज सिंह, गांव कमुआं कलां