पहले दी ढील, अब गिरफ्तारी में छूट रहा पसीना
बरेली जिला जेल में अशरफ से मुलाकात कराने और सहूलियत दिलाने में नामजद सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में आठ टीमें जुटी हैं। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद बरेली में अशरफ के गुर्गे एजेंसियों के रडार पर आ गए थे। पहले अफसरों ने लल्ला गद्दी व उसके जैसे छुटभैयों को इसलिए ढील दी ताकि उनके आका और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अब माहौल सख्त होते ही आरोपी भूमिगत हो गए हैं।
आठ टीमों की पकड़ में नहीं आ रहे सद्दाम और लल्ला, शहर छोड़ गए करीबी
जैसे ही लल्ला गद्दी को मुकदमा दर्ज होने की भनक लगी, वह परिवार समेत फरार हो गया। अब सर्विलांस से भी उसकी लोकेशन नहीं मिल रही। उसने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए हैं। पुलिस की छह टीमें, एसटीएफ और एसओजी उसके पीछे पड़ी हैं। डर से उसके करीबी भी शहर छोड़कर भाग गए हैं। लल्ला गद्दी के हाथ आते ही कई राज सामने आ सकते हैं।
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राजीव मिश्रा जब नैनी जेल में तैनात थे, तब वहां बंद इनामी बदमाशों का शराब पीते वीडियो वायरल हुआ था। वहां के डीआईजी जेल ने जांच की और दो बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया था। राजीव मिश्रा के खिलाफ जांच बैठाई गई थी। उसके कुछ दिन बाद ही राजीव मिश्रा को बरेली में तैनाती मिल गई।
इसके अलावा डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह मुलाकात अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देखते हुए खेल कर रहे थे। तय जगह से अलग अशरफ की गुर्गों से लंबी मुलाकात कराने के लिए उनको जिम्मेदार बताया गया है। उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।