फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Umesh Pal Hatyakand: बुलडोजर के साथ ही एनकाउंटर का डर... बचने को सद्दाम और लल्ला गद्दी उठा सकते हैं ये कदम

Wed, 15 Mar 2023 11:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

अशरफ मामले में नामजद सद्दाम और लल्ला गद्दी को अब एनकाउंटर का डर सताने लगा है। लल्ला गद्दी ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली है। न्यायालय ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
 
विज्ञापन
Umesh Pal Murder Case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अशरफ मामले में नामजद सद्दाम और लल्ला गद्दी को बुलडोजर के साथ ही एनकाउंटर का भी डर सता रहा है। सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी एक सप्ताह तक संभल जिले में एक चावल व्यापारी के यहां वक्त गुजार रहे थे। अब वे शहर लौट आए हैं। 
विज्ञापन


अब वे एक सजातीय नेता के जरिये समर्पण का तानाबाना तैयार कर रहे हैं। लल्ला गद्दी ने तो भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में समर्पण की अर्जी भी डाल दी है। न्यायालय ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

इधर, एसआईटी के प्रभारी सीओ थ्री आशीष प्रताप सिंह बिथरी थाने में दर्ज मामले के विवेचक हैं। उनकी ओर से सोमवार को कोर्ट में गैरजमानती वारंट लेने के लिए आवेदन किया गया था। 
विज्ञापन




कोर्ट ने विवेचक से दोनों आरोपियों के बारे में कुछ और जानकारी तलब की थी। मंगलवार को दोबारा साक्ष्यों के साथ केस डायरी और अर्जी कोर्ट में प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि सद्दाम और लल्ला गद्दी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट एक-दो दिन में मिल सकता है।

पहले दी ढील, अब गिरफ्तारी में छूट रहा पसीना
बरेली जिला जेल में अशरफ से मुलाकात कराने और सहूलियत दिलाने में नामजद सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में आठ टीमें जुटी हैं। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद बरेली में अशरफ के गुर्गे एजेंसियों के रडार पर आ गए थे। पहले अफसरों ने लल्ला गद्दी व उसके जैसे छुटभैयों को इसलिए ढील दी ताकि उनके आका और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अब माहौल सख्त होते ही आरोपी भूमिगत हो गए हैं।

आठ टीमों की पकड़ में नहीं आ रहे सद्दाम और लल्ला, शहर छोड़ गए करीबी
जैसे ही लल्ला गद्दी को मुकदमा दर्ज होने की भनक लगी, वह परिवार समेत फरार हो गया। अब सर्विलांस से भी उसकी लोकेशन नहीं मिल रही। उसने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए हैं। पुलिस की छह टीमें, एसटीएफ और एसओजी उसके पीछे पड़ी हैं। डर से उसके करीबी भी शहर छोड़कर भाग गए हैं। लल्ला गद्दी के हाथ आते ही कई राज सामने आ सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Umesh Pal Murder: बरेली जेल में अशरफ से नौ लोगों ने कई बार की थी मुलाकात, सद्दाम की प्रेमिका भी लिस्ट में

नैनी जेल से ही विवादों के साये में जेलर राजीव मिश्रा
अशरफ को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के मामले में निलंबित हुए जिला जेल के जेलर राजीव मिश्रा पर पहले भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं। बरेली से पहले वह प्रयागराज की उसी नैनी जेल में तैनात थे, जिसमें अतीक अहमद और अशरफ का सिक्का चलता था। नैनी जेल में अशरफ और अतीक अहमद दोनों बंद हो चुके हैं।

 

राजीव मिश्रा जब नैनी जेल में तैनात थे, तब वहां बंद इनामी बदमाशों का शराब पीते वीडियो वायरल हुआ था। वहां के डीआईजी जेल ने जांच की और दो बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया था। राजीव मिश्रा के खिलाफ जांच बैठाई गई थी। उसके कुछ दिन बाद ही राजीव मिश्रा को बरेली में तैनाती मिल गई।

 
विज्ञापन

इसके अलावा डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह मुलाकात अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देखते हुए खेल कर रहे थे। तय जगह से अलग अशरफ की गुर्गों से लंबी मुलाकात कराने के लिए उनको जिम्मेदार बताया गया है। उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें