चुनाव की रंजिश में ताबड़तोड़ फायरिंग कर कैंट के गांव उमरिया के नवनिर्वाचित प्रधान इशहाक की सरेशाम हत्या कर दी गई। ग्राम प्रधान की पत्नी को भी गोली लगी है। पुलिस ने इशहाक के खिलाफ चुनाव लड़कर हारे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरा आरोपी गांव का पूर्व प्रधान फरार है। हत्या के बाद दो समुदायों में तनाव की स्थिति देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी है।
परगवां गांव में इस बार इशहाक (30) ने प्रधानी का चुनाव जीता था। परिवार वालों के मुताबिक चुनाव जीतने के बाद से ही उन्हें हत्या कर दिए जाने की धमकी दी जा रही थीं। बृहस्पतिवार शाम साढ़े छह बजे इशहाक पत्नी शकीना के साथ दवा और कुछ सामान लेकर बाइक पर गांव लौट रहे थे। गांव से कुछ पहले ही घात लगाकर बैठे मोहर सिंह, रतन लाल आदि ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
हमलावरों ने छह-सात गोलियां चलाईं जिनमें से तीन इशहाक के सिर में लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी शकीना के हाथ और चेहरे पर भी छर्रे लगे हैं। आरोपी मोहर सिंह इशहाक के खिलाफ प्रधानी का चुनाव लड़ा था जबकि रतन लाल गांव का पूर्व प्रधान है। इशहाक की हत्या की सूचना पर इशहाक के पक्ष के साथ आसपास के गांवों के लोग पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने लोगों को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटना की सूचना पर सांसद धर्मेंद कश्यप, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी रविंद्र कुमार समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने बताया कि आरोपी मोहर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। गांव में तनाव देखते हुए पीएसी तैनात की गई है।