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UP: अल्ट्रासाउंड जांच में जुड़वा की पुष्टि, जन्मी सिर्फ एक बच्ची; बरेली में सामने आया चौंकाने वाला मामला

Thu, 11 Dec 2025 10:40 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के महिला अस्पताल से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महिला ने दो अलग-अलग जगह अल्ट्रासाउंड जांच कराई, जिसमें जुड़वा बच्चों की पुष्टि हुई। लेकिन महिला ने जन्म सिर्फ एक ही बच्ची को दिया। इससे प्रसूता और उसके घरवाले हैरान हैं। परिजनों की शिकायत पर सीएमएस ने जांच शुरू कराई है। 
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महिला अस्पताल में प्रसूता की गोद में बच्ची - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में गर्भवती ने अलग-अलग दो केंद्रों (निजी व सरकारी) पर अल्ट्रासाउंड जांच कराई तो जुड़वा बच्चे होने की पुष्टि हुई। आठ दिसंबर को महिला अस्पताल में उसका प्रसव हुआ तो प्रसूता और परिजनों को एक ही बच्ची के जन्म की जानकारी दी गई। परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ से इस बारे में पूछा तो उन्होंने जांच रिपोर्ट में तकनीकी खामी की आशंका जताई। अब सीएमएस ने प्रकरण की जांच शुरू कराई है।

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भुता के गजनेरा निवासी सुरेश बाबू की पत्नी राजेश्वरी देवी को आठ दिसंबर को सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। आशा कार्यकर्ता गुड्डी देवी के साथ वह महिला अस्पताल पहुंचीं। अपराह्न 3:30 बजे एक बच्ची का जन्म हुआ। सुरेश के मुताबिक, करीब तीन माह पूर्व निजी केंद्र पर और पिछले माह महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच कराई थी। दोनों ही रिपोर्ट में जीवित जुड़वा बच्चे होने की पुष्टि हुई थी। 

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प्रसव के बाद एक ही बच्ची के जन्म को लेकर स्टाफ ने कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया। परिजन अस्पताल के सीएमएस के पास पहुंचे तो उन्होंने भी शुरुआत में अल्ट्रासाउंड जांच में ही तकनीकी खामी की बात कही। बाद में उन्होंने सरकारी जांच रिपोर्ट की मूल प्रति और निजी सेंटर की जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि परिजनों से ले ली। दोनों रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने प्रकरण की जांच के निर्देश दिए।

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आरोप : नहीं दी सरकारी जांच रिपोर्ट, भेज दिया घर
पति सुरेश का आरोप है कि पहले उन्हें भी अल्ट्रासाउंड जांच में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका लगी। दूसरे अस्पताल के विशेषज्ञ और सेंटर संचालकों से परामर्श किया तो उन्होंने जीवित या मृत किसी भी दशा में दो बच्चों के जन्म का दावा किया। तब वह महिला अस्पताल में हुई अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट लेने गए। वहां स्टाफ ने रिपोर्ट देने से इन्कार कर दिया। सुरेश ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।

सामान लाने के लिए भेज दिया था बाहर
सुरेश ने बताया कि पत्नी राजेश्वरी के साथ प्रसव कक्ष में दादी भी साथ गई थीं। प्रसव से कुछ देर पहले ही स्टाफ ने उन्हें बाहर भेज दिया था। पांच मिनट में ही दादी फिर कक्ष में पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची का जन्म हो गया था। एक बच्ची गोद में देकर स्टाफ ने मिठाई मांगी तो दादी ने एक हजार रुपये की बधाई भी दी। दादी को अल्ट्रासाउंड जांच के बारे में जानकारी नहीं थी।

महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि प्रसूता के पति ने अल्ट्रासाउंड जांच दिखाई है। इसमें जुड़वा, जबकि केस शीट में सिर्फ एक बच्ची के जन्म का जिक्र है। परिवार ने लिखित शिकायत नहीं की है, पर मामले की जांच कराई जा रही है।
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