आरोप : नहीं दी सरकारी जांच रिपोर्ट, भेज दिया घर
पति सुरेश का आरोप है कि पहले उन्हें भी अल्ट्रासाउंड जांच में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका लगी। दूसरे अस्पताल के विशेषज्ञ और सेंटर संचालकों से परामर्श किया तो उन्होंने जीवित या मृत किसी भी दशा में दो बच्चों के जन्म का दावा किया। तब वह महिला अस्पताल में हुई अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट लेने गए। वहां स्टाफ ने रिपोर्ट देने से इन्कार कर दिया। सुरेश ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
सामान लाने के लिए भेज दिया था बाहर
सुरेश ने बताया कि पत्नी राजेश्वरी के साथ प्रसव कक्ष में दादी भी साथ गई थीं। प्रसव से कुछ देर पहले ही स्टाफ ने उन्हें बाहर भेज दिया था। पांच मिनट में ही दादी फिर कक्ष में पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची का जन्म हो गया था। एक बच्ची गोद में देकर स्टाफ ने मिठाई मांगी तो दादी ने एक हजार रुपये की बधाई भी दी। दादी को अल्ट्रासाउंड जांच के बारे में जानकारी नहीं थी।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि प्रसूता के पति ने अल्ट्रासाउंड जांच दिखाई है। इसमें जुड़वा, जबकि केस शीट में सिर्फ एक बच्ची के जन्म का जिक्र है। परिवार ने लिखित शिकायत नहीं की है, पर मामले की जांच कराई जा रही है।