रेडियोलॉजिस्टों ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने को बने प्री कंसप्सेप्शन प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक एक्ट (पीसीपीएनडीटी) का विरोध किया है। बृहस्पतिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया गया है। पहले दिन एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन जांच बंद होगी। शुक्रवार से अल्ट्रासाउंड जांच को पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा।
आईएमए भवन में इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) की प्रेसवार्ता में अध्यक्ष डॉ. रजनीश मधोक और सचिव डॉ. विपुल भटनागर ने बताया कि यह कानून अब कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में कम और रेडियोलॉजिस्ट को परेशान करने में ज्यादा प्रयोग हो रहा है। जांच करने वाले सदस्यों को इससे मतलब नहीं कि लिंग की जांच हो रही है कि नहीं, सिर्फ इस पर ध्यान है कि डॉक्टर एप्रेन नहीं पहने है या फिर नेम प्लेट नहीं लगाए है। उन्होंने बताया कि लिंग जांच करते पाए गए हो या फिर मौके पर फार्म एफ में गड़बड़ी मिली हो। सजा एक ही है। इसे बदलना जरूरी है। पुणे में कुछ डॉक्टर छोटी-छोटी गलतियाें में जेल गए हैं। जो गलत है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को सभी रेडियोलॉजिस्ट आईएमए से मार्च निकालकर डीएम और सीएमओ को ज्ञापन देंगे। इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल आदि भी मौजूद रहे।