आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के अयोध्या विवाद को आपसी सहमति से हल करने के फार्मूले पर बुधवार को लखनऊ में उलमा और दानिश्वरों के बीच चर्चा होगी। इसके लिए ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद ने बैठक बुलाई है। इसमें बोर्ड के सभी 51 सदस्यों के अलाव देश के और भी उलमा शिरकत करेंगे। बरेली के कई उलमा बैठक में शिरकत करने के लिए रवाना हो गए हैं।
श्री श्री रविशंकर छह मार्च को अयोध्या मसले को अदालत के बाहर हल करने का फार्मूला लेकर यहां आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात करने आए थे। उनका कहना था कि इस मसले में दोनों समुदाय के लोग एक राय होकर कोई फैसला लें तभी देश में अमन और सौहार्द बना रह सकता है। लिहाजा देश के अमन और इत्तेहाद के लिए मौलाना ने उनके साथ आने पर हामी भर दी थी। उनके उसी फार्मूले पर चर्चा के लिए ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोड जदीद ने बैठक बुलाई है। इसमें अयोध्या मसले का हल निकालने की कोशिश की जाएगी।
बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. नफीस खां ने बताया कि बैठक का अहम मुद्दा यही होगा। इसके अलावा मुस्लिमों से जुड़े अन्य एजेंडे भी रखे जाएंगे। इसमें तीन तलाक और मुस्लिमों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी। तीन तलाक पर खास बिंदु यह रहेगा कि पुराना पर्सनल लॉ बोर्ड अपना पक्ष ठीक से नहीं रख सका, लिहाजा कोर्ट ने जो फैसला दिया उस पर भी गौर करके राय अमल तैयार किया जाएगा। इधर, बरेली से रवाना होने वाले उलमा में मदरसा जामे रजविया मजहरे इस्लाम के प्रधानाचार्य मौलाना कारी फुरकान रजा नूरी, मुफ्ती आफाक रजा बरकाती, शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, मुफ्ती मोहम्मद याकूब, मौलाना अकील रजा, मुफ्ती मोहम्मद आजम आदि हैं।