इन कार्यों के लिए भी मिलेगा अनुदान
विश्वविद्यालय को अब तक यूजीसी से वाई-फाई जोन, शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान, पेपरलेस कार्य, शिक्षकों की विदेश यात्रा को लेकर अनुदान नहीं मिला था। प्रथम श्रेणी में आने के बाद विश्वविद्यालय को यूजीसी की सभी प्रकार की ग्रांट मिल सकेंगी। पिछले साल विश्वविद्यालय को दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने की अनुमति मिली थी। अब ऑनलाइन कोर्सेस का संचालन हो सकेगा। इससे विदेशी छात्र भी आसानी से विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही विदेशी शिक्षक भी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान शिक्षकों, कर्मचारियों, प्राचार्यों और विद्यार्थियों का है। विश्वविद्यालय अब ऑनलाइन कोर्सेस संचालित कर सकेगा। साथ ही यूजीसी से सभी प्रकार के अनुदान प्राप्त करने के लिए सक्षम हो गया है। इसका लाभ विद्यार्थियों को भी मिलेगा।