डेढ़ महीने से चल रहा मामला, तीन सदस्यीय कमेटी दे चुकी है रिपोर्ट
बरेली। शेरगढ़ ब्लाक क्षेत्र में तैनात एक पंचायत सहायक से छेड़खानी, चैटिंग और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। यह आरोप दो ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) पर लगा है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी एक महीने पहले रिपोर्ट दे चुकी है लेकिन अभी तक कार्रवाई शून्य है। पीड़िता का कहना है कि डीएम से दोबारा शिकायत की तो जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने आईजीआरएस पोर्टल पर उसके प्रार्थना पत्र को मांग श्रेणी में डाल दिया।
पीड़िता ने पहली शिकायत 29 दिसंबर 2025 को कलक्ट्रेट आकर जनता-दर्शन में डीएम से की थी। सीडीओ को जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। सीडीओ ने डीडीओ दिनेश कुमार यादव, डीपीआरओ कमल किशोर और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अजय चौधरी की कमेटी गठित की थी। कमेटी ने जांच में दोनों वीडीओ के विरुद्ध आरोपों को सही ठहराया और कार्रवाई के लिए छह जनवरी को रिपोर्ट सीडीओ को दे दी। रिपोर्ट में दोनों वीडीओ को शेरगढ़ से अन्य ब्लॉक में स्थानांतरित करने की संस्तुति की गई। महीने भर बाद भी जब कार्रवाई शून्य रही तो पीड़िता ने तीन फरवरी को फिर डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। आरोपी वीडीओ की कॉल से जुड़ा स्क्रीन शॉट व अन्य सुबूत भी दिए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों वीडीओ ने उसका मानसिक और शारीरिक शोषण किया है। शिकायत के बाद से उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। संवाद
प्रकरण मेरे संज्ञान में है, जांच पूरी हो गई है। कार्रवाई के लिए डीडीओ से फाइल मांगी है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। मामले की विस्तृत जांच के लिए पोश अधिनियम के तहत इंटरनल कंप्लेंट कमेटी को रेफर कर रहे हैं।
- देवयानी, सीडीओ