इससे वह घायल हो गए। जैसे-तैसे वह घर पहुंचे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए नहीं ले जा सके। वह लोग आसपास के लोगों से उधार लेकर व्यवस्था करने में जुटे थे। बृहस्पतिवार सुबह उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजन उन्हें लेकर निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। करीब दो घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
धरना-प्रदर्शन के बाद भी नहीं पकड़े गए छुट्टा पशु
छुट्टा पशु पकड़वाने के लिए बीते दिनों भाकियू ने फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था। नगर पंचायत कार्यालय में भी शिकायत की गई थी। इसके बाद भी छुट्टा पशु नहीं पकड़े गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि आए दिन छुट्टा पशुओं के हमलों में लोगों की मौत हो रही है। इसके बाद भी प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।