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Bareilly News: निलंबित चकबंदी लेखपाल के भूमाफिया गिरोह पर दो और मुकदमे, 22 गुर्गे नामजद

Tue, 14 Jan 2025 02:22 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

जमीन कब्जाने के मामले में जेल भेजे गए निलंबित चकबंदी लेखपाल और उसके गिरोह पर दो और मुकदमे दर्ज हुए हैं। भूमाफिया गिरोह पर अब तक कुल आठ मामले दर्ज हो चुके हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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बरेली में निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन कुमार और उसके भूमाफिया गिरोह पर एसआईटी ने शिकंजा कस दिया है। नई शिकायतें सामने आने पर सावन और उसके गुर्गों के खिलाफ कैंट थाने में दो नए मामले दर्ज किए गए हैं। गिरोह के खिलाफ कुल आठ मामले दर्ज हो चुके हैं।

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कांकर टोला निवासी इमरान खां ने बताया कि उन्होंने पिता हथर हुसैन और भाई हारिस के साथ मिलकर मोहनपुर में वर्ष 2005 में 0.2020 हेक्टेयर भूमि रेहाना बेगम से खरीदी थी। रेहाना ने यह जमीन अशफाक अहमद से वर्ष 2001 में क्रय की थी। अशफाक ने मूल विक्रेता सुल्तान खां से वर्ष 1990 में जमीन खरीदी थी। 

दूसरे के नाम बनाई फर्जी वसीयत 
इमरान के मुताबिक, सावन कुमार जायसवाल, भारत दीक्षित, अमित, विजय अग्रवाल, जगदीश, वीरपाल, कैफ खान, अंकिश त्रिपाठी, मुनीश कुमार, अक्षित सिंह, हरेंद्र सिंह, कातिब प्रदीप सक्सेना, विवेक जायसवाल, सौरभ यादव, रचित, असरार वली, धर्मपाल, सेवाराम, इदरीश खां, इसरार खां और 15-20 महिलाओं-पुरुषों ने गिरोह बनाकर फर्जी वसीयत जगदीश के नाम बनाई। इसमें अमित और वीरपाल ने गवाही दी। 
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इमरान खां के मुताबिक फर्जी वसीयत के जरिये जगदीश ने अक्तूबर 2022 में 0.20224 हेक्टेयर भूमि का बैनामा अंकिश त्रिपाठी, अक्षित और मुनीश कुमार के नाम कर दिया। सेवाराम और सौरभ यादव ने इसमें गवाही दी थी। मई 2023 में अक्षित ने 418.06 वर्गमीटर जमीन का बैनामा विजय अग्रवाल के नाम कर दिया। इसमें विवेक जायसवाल और सौरभ यादव ने गवाही दी। 

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फरवरी 2024 में मुनीश ने 543.47 वर्गमीटर का एग्रीमेंट विजय अग्रवाल के नाम किया। इसमें कार्तिकेय त्रिपाठी और सौरभ ने गवाही दी। अप्रैल 2024 में 334.44 वर्गमीटर का बैनामा अंकिश त्रिपाठी ने कैफ खान के नाम किया। इसमें असरार, धर्मपाल ने गवाही दी थी। 

बदमाश बुलाकर जमीन कब्जाई, रिपोर्ट भी दर्ज करा दी
इमरान के मुताबिक, वर्ष 2005 से उनके पास यह जमीन है। इसके बाद भी सावन कुमार और अंकिश त्रिपाठी ने किला थाने में उनके खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज करा दिया। सावन के गुर्गे हरेंद्र ने दबाव डालकर कम कीमत में एग्रीमेंट करा लिया था। इसके बाद गिरोह ने रात में धावा बोलकर जमीन कब्जाने की कोशिश की। चौकीदार की सूचना पर इमरान वहां पहुंचे तो लग्जरी कारों से आए बदमाश जमीन पर कब्जा कर रहे थे। 

सावन, अंकिश त्रिपाठी, अमित और हरेंद्र ने अपने साथियों की मदद से उनकी पिटाई कर दी। असलहे दिखाकर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। हरेंद्र और अंकिश ने गला दबाकर इमरान और उनके भाई की हत्या करने की कोशिश की। हरेंद्र ने उन्हीं पर एक झूठा मामला प्रेमनगर थाने में दर्ज करा दिया। अब इमरान की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

प्रधान से हुआ था अंकिश त्रिपाठी का विवाद, सेटिंग से भिजवा दिया जेल 
सावन का गुर्गा अंकिश त्रिपाठी सफेदपोश बनकर अरसे से जमीन कब्जाने के खेल में लगा है। उसने पिछले साल आरटीओ दफ्तर के पास स्थित जमीन पर कब्जा करके मोहनपुर के प्रधान जाकिर को मुकदमे दर्ज करवाकर जेल भिजवा दिया था। तब जाकिर का कहना था कि अंकिश का भूमाफिया गिरोह उनके गांव की जमीन कब्जा रहा है। 

चूंकि, जाकिर फतेहगंज पश्चिमी के कुख्यात तस्कर का दामाद है, इसलिए उसकी सफाई उस वक्त काम नहीं आई। अंकिश ने जाकिर और उसके भाइयों पर 50 लाख की रंगदारी मांगने और जबरन जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया था। अब इस मामले की भी दोबारा जांच हो सकती है।
 
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जमीन को विवादित कर कब्जाने की कोशिश, रिपोर्ट दर्ज
बारादरी क्षेत्र के यामीन के मुताबिक वर्ष 2004 में उन्होंने मोहनपुर में जमीन खरीदी थी। उस पर दीवार खड़ी कराकर कमरा भी बनवा दिया था। अंकिश त्रिपाठी, अक्षित और मुनीश ने जमीन को विवादित कर कब्जाने की कोशिश की। शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हुई। जब भूमाफिया पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो दोबारा शिकायत की गई। अब पुलिस ने इसकी रिपोर्ट दर्ज की है।

लेखपाल सावन कुमार और उसके भूमाफिया दोस्तों के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। एसआईटी इनकी जांच कर मामले दर्ज करा रही है। गिरोह की गतिविधियों की विस्तृत जांच की जाएगी। इनके नेटवर्क में शामिल सभी लोगों को विवेचना में शामिल कर जेल भेजा जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी सिटी

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