जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं से वसूली बंद नहीं हो पा रही है। रविवार सुबह संजयनगर की ममता को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सुबह नौ बजे सामान्य प्रसव हुआ और ममता ने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद स्टाफ ने घरवालाें को पैसे के लिए तंग करना शुरू कर दिया। ममता के पति मोहन सब्जी का ठेला लगाते हैं। उन्होंनेे जैसे-तैैसे 200 रुपये इकट्ठे करके स्टाफ को दिए लेकिन स्टाफ 500 रुपये लेने पर अड़ गया। शिकायत सीएमएस के पास पहुंची तो उन्होंने स्टाफ को फटकार लगाई और रुपये वापस कराए।
अस्पताल स्टाफ से घबरा गई ममता
जब स्टाफ ने ममता और उनके पति मोहन को यह कहकर तंग करना शुरू किया कि जब तक रुपये नहीं मिलेंगे जच्चा और बच्चा को घर नहीं जाने देंगे, तो ममता घबरा गई। उसने अपने भाई को बुला लिया और उससे किसी भी तरह अस्पताल से ले जाने को कहा। ममता के भाई ने बताया कि स्टाफ बहुत बुरा बर्ताव करता है। किसी की नहीं सुनता।
कोट
जब पीड़ित ने मुझे फोन किया तो मैंने स्टाफ से पैसे वापस कराए। सोमवार को जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करूंगी।
- डॉ. साधना सक्सेना, सीएमएस