नवाबगंज। गंगापुर गांव में देव स्थान पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यहां शोभायात्रा को लेकर विवाद गहरा गया है। दो पक्ष आमने-सामने हैं। दोनों ही पक्षों ने तहरीर पुलिस को दी है। मामले को गंभीरता से लेकर अफसरों ने शोभायात्रा के रास्ते का निरीक्षण करने के साथ ही आवश्यक निर्देश भी दिए।
तहसील नवाबगंज के गंगापुर गांव में देव स्थान की भूमि पर बने मंदिर में मूर्तियां लगी हैं। ग्रामीण यहां पूजा-अर्चना करते हैं। इसी भूमि पर चबूतरा बनाने के बाद डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी गई।
कुछ दिन बाद खुराफाती की ओर से प्रतिमा क्षतिग्रस्त भी कर दी गई थी। क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराकर यहां सीसी कैमरे लगाए गए हैं। दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा भी दर्ज है। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद कोर्ट ने डीएम बरेली को निर्देश दिया कि वह जिम्मेदार अधिकारियों की एक समिति गठित करें। जो दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले का हल निकाले।
सोमवार को तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से वार्ता की। प्रतिमा लगाने वाले पक्ष ने 14 अप्रैल को शोभायात्रा ठिरिया सैदपुर, रघुनाथपुर और बड़ागांव से शोभायात्रा निकालने की बात कही। गंगापुर गांव के ग्रामीण गांव से शोभायात्रा निकालने के विरोध में हैं। नई परंपरा डालने पर विवाद की आशंका जताई।
वर्जन :
दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सीओ और इंस्पेक्टर के कोर्ट जाने की वजह से वार्ता नहीं हो सकी। शुक्रवार को फिर से दोनों पक्षों को बुलाया गया है। शोभायात्रा के रास्ते का भी निरीक्षण किया। वार्ता से हल निकाला जाएगा। - उदित पंवार, एसडीएम नवाबगंज