बरेली। बिजली चोरी का मामला 12 हजार रुपये में निपटाने और इससे जुड़ा ऑडियो वायरल होने के बाद एचआर टीम से दो अभियंताओं को हटा दिया गया है। जांच टीम सिंडिकेट पर शिकंजा कसने के लिए सूची तैयार रही है। अधीक्षण अभियंता (एसई) के मुताबिक, अभी तक कई लोगों के नाम प्रकाश में आ चुके हैं, जल्द ही मिलीभगत में शामिल संविदा कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी।
मंगलवार को विद्युत निगम की एचआर टीम को रिश्वत देने वाले का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें चेकिंग में पकड़ी गई बिजली चोरी के मामले को 12 हजार में निपटाने की बात कही जा रही है। यह प्रकरण सामने आते ही मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम में अधिशासी अभियंंता सत्येंद्र चौहान और सहायक अभियंंता रविंद्र कुमार को शामिल किया था। अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल के मुताबिक, एचआर में तैनात अवर अभियंता अवध नारायण पाल को 33 केवी वर्टिकल व अनिल कुमार गुप्ता का कॉर्मिशियल-टू में स्थानांतरित किया गया है। इनकी जगह 33 केवी के अवर अभियंता गयादीन व कॉमर्शियल द्वितीय के जुगराज सिंह रावत को एचआर टीम में भेजा गया है। संवाद