बरेली। सर्किट हाउस सभागार में रविवार को आयोजित संवाद एवं समन्वय बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विद्युत निगम के अभियंताओं को घेरा। कहा कि कोई समस्या होने पर अभियंता कॉल रिसीव नहीं करते। तय शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार से जुड़े सवाल किए। समय पर काम पूरे कराने की हिदायत दी। अभियंता अपने बचाव में जुटे रहे।
सांसद छत्रपाल गंगवार की अध्यक्षता में सुबह नौ बजे शुरू हुई बैठक में एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने फतेहगंज पूर्वी में बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। कहा कि नलकूपों को बिजली कम मिल रही है। कब से कब तक कटौती की जाएगी? इसकी सूचना किसानों को नहीं दी जाती। इस पर मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि शहर में नाले-नालियों में खंभे लगे हैं। पिछली बैठक में भी मुद्दा उठाया गया था, लेकिन अभी वे हटे नहीं हैं। फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारीलाल, बहेड़ी के विधायक अताउर्रहमान, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि प्रशांत पटेल भी बैठक में शामिल रहे।
अभियंताओं ने साधी चुप्पी तो एमएलसी ने दिया जवाब
एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने जब अभियंताओं से पूछा कि ऐसा कोई गांव बताएं जहां बिजली आपूर्ति के लिए ट्रासफार्मर नहीं है। अभियंता चुप हो गए तो एमएलसी ने बताया कि 1000 से अधिक आबादी वाले गांव मंसूर गौटिया में कोई ट्रांसफार्मर नहीं है। पड़ोस के गांव में लगे ट्रांसफार्मर से काम चलाया जा रहा है। बहुत कम बिजली मिलती है। फिर सवाल पूछा- ट्रांसफार्मर कब तक लगेगा? इस पर मुख्य अभियंता ने 15 दिन का समय मांगा। बहोरन लाल मौर्य समेत ने कहा कि मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता तो फोन कॉल रिसीव करते हैं पर जेई और एसडीई नहीं करते। इस पर मुख्य अभियंता ने अभियंंताओं को सुधार की हिदायत दी। तय हुआ कि विधायकों-सांसदों के साथ हर माह बैठक होगी। ब्लाॅक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों और पार्षदों के साथ एक बैठक अलग से होगी। ब्यूरो
किसानों के साथ हुई ठगी का मुद्दा उठा
एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने फरीदपुर क्षेत्र में किसानों के साथ नलकूप कनेक्शन के नाम पर की गई ठगी और विद्युत निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पांच किसानों से रुपये वसूलकर कनेक्शन दिए गए, लेकिन कागजों पर कोई उल्लेख नहीं हुआ। खुलासा तब हुआ, जब बिजली निगम ने कहा कि ये कनेक्शन तो विभाग ने दिए ही नहीं। किसानों ने वसूली करके ट्रांसफार्मर लगवाने, लाइन खिंचवाने और फिर उसे अवैध बताकर कनेक्शन काटने वाले बिचौलिये का नाम भी बताया, पर इस मामले में अब तक उनको न्याय नहीं मिल सका। मुख्य अभियंता ने जांच का आश्वासन दिया।