विद्युत निगम के अफसरों ने किया मौका मुआयना।
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गांव के अजय के घर में खड़ा ई-रिक्शा भी जल गया। अजय के बेटे अजीत और राजवती ने भी करंट का झटका महसूस किया। गांव के गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके घर में बिजली के कई उपकरण फुंक गए। अन्य घरों में भी नुकसान हुआ है।
पांच लाख रुपये और नौकरी का आश्वासन
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश में मृतकों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और एक-एक सदस्य को विद्युत निगम में संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया है।
ऐसे हुआ हादसा
ट्रांसफार्मर के जंपर और टॉप पैनल के बीच फॉल्ट हुआ। इससे 11 केवी एचटी लाइन न्यूट्रल और घरेलू लाइन के संपर्क में आ गई और घरों में एचटी करंट दौड़ गया।
दुर्भाग्य बन गया 'सौभाग्य योजना' के तहत लगा ट्रांसफार्मर
सूदनपुर गांव में बिजली आपूर्ति अलीगंज उपकेंद्र के सूदनपुर ग्रामीण फीडर से होती है। यह उपकेंद्र विद्युत वितरण खंड आंवला के तहत आता है। ओवरलोडिंग की समस्या को दूर करने के लिए गांव से पश्चिम की ओर करीब 150 मीटर दूर मोबाइल टॉवर के पास सौभाग्य योजना के तहत लगाया गया 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर दो परिवारों के दुर्भाग्य में बदल गया। अब विद्युत सुरक्षा आयोग हादसे के कारणों की जांच करेगा।
गांव के राम किशन, गजेंद्र, अरविंद ने बताया कि ट्रांसफार्मर पर अक्सर फॉल्ट होते थे। कुंवरपाल के भाई छोटे लाल ने बताया कि कई बार अलीगंज उपकेंद्र पर इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। एक बार फॉल्ट होने पर कई-कई दिन तक आपूर्ति ठप रहती है।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि प्राथमिक जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने नहीं आई है। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ज्ञानेंद्र सिंह और अधिशासी अभियंता आंवला की तकनीकी जांच में सामने आया है कि 11 केवी लाइन और एलटी लाइन के टॉप पैनल के बीच अचानक एक चिड़िया के संपर्क में आने से फॉल्ट हुआ। ट्रांसफार्मर के पास चिड़िया मृत पाई गई है। इस कारण एचटी लाइन जंपर की ओर से टूटकर एलटी लाइन और न्यूट्रल के संपर्क में आ गई। इससे न्यूट्रल लाइन में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया और यही हादसे का कारण बना।
जिम्मेदार बेखबर, डीएम ने मुख्य अभियंता को दी हादसे की जानकारी
सूदनपुर में करंट से दो लोगों की मौत और महिला के झुलसने के बारे में विद्युत निगम के जिम्मेदारों को खबर तक नहीं लगी। सूदनपुर ग्रामीण फीडर सुबह सात बजे ब्रेक डाउन में आने के बाद भी अलीगंज उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों ने इसका कारण जानने की कोशिश नहीं की।
हादसे के बारे में जब डीएम अविनाश सिंह को सूचना मिली तो उन्होंने इस बारे में मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश को बताया। मुख्य अभियंता ने आंवला और अलीगंज से इस बारे में जानकारी मांगी तो वे कुछ नहीं बता सके। ऐसे में मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता के साथ खुद ही सूदनपुर गांव का रुख किया।