जिले में बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया है। घोटाले में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूल प्रधानाचार्य, मदरसा प्रबंधक और कई बैंक मैनेजर समेत 65 लोगों के नाम शामिल हैं। डीएम के आदेश पर सभी लोगों के खिलाफ बुधवार को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शेखूपुर के भाजपा विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने 9 मार्च 2018 को डीएम दिनेश कुमार सिंह को शिकायत दी थी। आरोप था कि सरकारी योजनाओं की धनराशि लोगों तक नहीं पहुंच रही है। बच्चों को छात्रवृत्ति तक नहीं मिली है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद समाज कल्याण विभाग, जिला अल्पसंख्यक एवं कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग एवं जिला दिव्यांगजन कल्याण विभाग की जांच कराई गई।
इसके बाद ब्लॉक स्तर पर जांच में पता चला कि चारों विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों, स्कूल, मदरसा के प्रबंधक एक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। सभी अधिकारी कर्मचारियों ने मिलकर 2,47,79,723 रुपये का गबन कर लिया। इसकी जांच आख्या के आधार पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
बुधवार सुबह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता विभाग राघवेंद्र सिंह की ओर से सिविल लाइंस थाने में धारा 409, 420, 467, 468, 471 आदि के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इससे घोटालेबाजों में हड़कंप मच गया है।
शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने इसकी शिकायत की थी। उसके बाद मामले की गंभीरतापूर्वक जांच कराई गई। उसमें ढाई करोड़ रुपये का गबन सामने आया है। इस पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे।
- दिनेश कुमार सिंह, डीएम