देसी मांगुर मछली की काफी मांग
एसपी उत्तरी ने बताया कि बाजार में देसी मांगुर मछली की काफी मांग है। इसकी कीमत हजार रुपये प्रति किलो है। वहीं, थाई मांगुर की कीमत 80 से डेढ़ सौ रुपये के बीच है। थाई मांगुर भारत में प्रतिबंधित है। दोनों में मामूली अंतर होने की वजह से सामान्य लोग अक्सर पहचान में धोखा खा जाते हैं। इसी मछली के पालन पर कार्रवाई की बात कहकर गिरोह वसूली करता था।
अधिकारियों से बातचीत में खुला भेद
एसपी उत्तरी ने बताया कि मत्स्य निरीक्षक बनकर मछली पालकों को धमकाने व वसूली करने वालों की शिकायतें मिलीं तो उन्होंने सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पांडेय से बात की। पता लगा कि उनके पूरे विभाग में एक ही निरीक्षक व कुल चार या पांच ही कर्मचारी हैं। तब आरोपियों पर शिकंजा कसा गया। उन्होंने बताया कि आजम पहले किसी पोर्टल में मीडियाकर्मी रह चुका है।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा थाने में साजिद और चार अन्य पर मामला दर्ज किया गया है। देवरनियां थाने में आजम के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज है। आजम के खिलाफ पहले से दहेज उत्पीड़न और अन्य मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेजा है। पुलिस तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।