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बरेली: मत्स्य पालकों को डराकर वसूली करने के दो आरोपी गिरफ्तार, खुद को बताते थे विभाग का अधिकारी

Sun, 13 Sep 2026 10:43 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली पालन के नाम पर वसूली करने वाले गिरोह के दो सदस्यों आजम और साजिद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मत्स्य अधिकारी बनकर मछली पालकों को धमकाता था। तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेजा है।
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वसूली के आरोपी - फोटो : पुलिस मीडिया सेल
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विस्तार
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बरेली में मछली पालकों को प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली पालन करने पर कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली करने के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि अब तक दो लाख रुपये से अधिक की वसूली के प्रमाण मिल चुके हैं। तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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एसपी उत्तरी के मुताबिक, इज्जतनगर के करमपुर चौधरी निवासी आजम और भोजीपुरा थाना क्षेत्र के घंघोरा घंघोरी निवासी साजिद को गिरफ्तार किया गया है। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के सालिम रजा ने 11 सितंबर को रिपोर्ट कराई थी। बताया था कि वह मछली पालक हैं। अगस्त में इन लोगों ने खुद को मत्स्य अधिकारी बताकर उन्हें धमकाया और 70,000 रुपये ले लिए। देवरनियां थाना क्षेत्र में प्यारेलाल से छह सितंबर को 13,000 रुपये वसूले गए थे। गिरोह के सदस्य नकदी के अलावा ऑनलाइन भी रुपये लेते थे, इसके स्क्रीनशॉट मिले हैं।
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एसपी उत्तरी ने बताया कि करमपुर गांव के ही रिजवान कासगंज के मोहल्ला जयराम शहर गेट निवासी बसंत शर्मा व अरविंद भी इस खेल में शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि गिरोह में शामिल साथी लोगों को मछली पालन के संबंध में कार्रवाई कराने, मुकदमे में फंसाने, जेल भिजवाने आदि की धमकी देकर रुपये मांगते थे।

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देसी मांगुर मछली की काफी मांग 
एसपी उत्तरी ने बताया कि बाजार में देसी मांगुर मछली की काफी मांग है। इसकी कीमत हजार रुपये प्रति किलो है। वहीं, थाई मांगुर की कीमत 80 से डेढ़ सौ रुपये के बीच है। थाई मांगुर भारत में प्रतिबंधित है। दोनों में मामूली अंतर होने की वजह से सामान्य लोग अक्सर पहचान में धोखा खा जाते हैं। इसी मछली के पालन पर कार्रवाई की बात कहकर गिरोह वसूली करता था। 

अधिकारियों से बातचीत में खुला भेद
एसपी उत्तरी ने बताया कि मत्स्य निरीक्षक बनकर मछली पालकों को धमकाने व वसूली करने वालों की शिकायतें मिलीं तो उन्होंने सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पांडेय से बात की। पता लगा कि उनके पूरे विभाग में एक ही निरीक्षक व कुल चार या पांच ही कर्मचारी हैं। तब आरोपियों पर शिकंजा कसा गया। उन्होंने बताया कि आजम पहले किसी पोर्टल में मीडियाकर्मी रह चुका है।

एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा थाने में साजिद और चार अन्य पर मामला दर्ज किया गया है। देवरनियां थाने में आजम के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज है। आजम के खिलाफ पहले से दहेज उत्पीड़न और अन्य मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेजा है। पुलिस तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। 
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