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UP News: ऑनलाइन सट्टा लगवाकर कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये ठगे, बरेली में दो आरोपी गिरफ्तार

Mon, 30 Mar 2026 05:08 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग सट्टा एप से ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य हैं। इस गिरोह ने कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी है। गिरोह का सरगना अहलादपुर निवासी शिवम है। उसकी तलाश में पुलिस जुटी है। 
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ठगी के आरोपी - फोटो : पुलिस विभाग
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विस्तार
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बरेली में ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा लगवाकर कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि सरगना भाग निकला। साइबर क्राइम थाने में तीनों आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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एसपी मनीष कुमार सोनकर ने बताया कि बरेली साइबर क्राइम पुलिस प्रतिबिंब पोर्टल व एनसीआरबी पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की जांच कर रही थी। एक संदिग्ध मोबाइल नंबर बरेली में चल रहा था। नंबर की लोकेशन निकालकर पुलिस ने इज्जतनगर के आशुतोष सिटी में छापा मारा। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया, जबकि एक भाग निकला। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम नवाबगंज के बिजौरिया स्टेशन निवासी सूर्यभान पटेल व भुता के कमुआ कला निवासी विनीत कुमार बताए। दोनों के पास से कई मोबाइल फोन, डिजिटल क्यूआर, सिमकार्ड, चेकबुक, टैबलेट, राउटर आदि बरामद हुए।

दोनों से कई खातों की जानकारी मिली। लेन-देन का हिसाब वाला रजिस्टर भी पुलिस के हाथ लग गया। सूर्यभान और विनीत ने पुलिस को बताया कि वे गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। उनका मुखिया इज्जतनगर के अहलादपुर का शिवम कुमार है। शिवम फर्जी गेमिंग साइट बनवाकर सट्टा लगवाता था। शिवम ने करीब डेढ़ दर्जन गेमिंग वेबसाइट बनवा रखी थीं। इनकी आईडी ग्राहकों को बांटकर वह ऑनलाइन सट्टा करा रहे थे।

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बड़ी रकम जीतने पर करते थे बेइमानी
इन गेमिंग साइट पर रुपये लगाने वाले जब छोटी रकम जीतते थे तो उन्हें भुगतान कर दिया जाता था। जैसे ही वे बड़ी रकम लगाते या जीतते थे तो उसे हड़पकर ये लोग वेबसाइट से उनकी आईडी हटा देते थे। अधिकतर लोग गेम में हारते थे। साइबर पुलिस से शिकायत होती थी तो नंबर और खाते बदल देते थे। अलग-अलग लोगों के खाते खुलवाकर उनका संचालन अपने हाथ में रखते और उसमें रकम ट्रांसफर करवाकर निकाल लेते थे। खाताधारक को पांच प्रतिशत हिस्सा देते थे। शिकायत होने पर पुलिस खाताधारक को ट्रेस करती थी, जबकि ये तीनों रकम आपस में बांटकर भाग जाते थे।

ठगी की रकम से बनवाई कोठी और दुकान होगी जब्त
साइबर थाना प्रभारी दिनेश शर्मा ने बताया कि ठगी की रकम से गैंग का सरगना शिवम आशुतोष सिटी में आलीशान कोठी बनवा रहा है। कुछ समय पहले शिवम ने काली कमाई से एक चश्मे की दुकान भी खोली थी। सूर्यभान उसका रिश्तेदार है। प्रतिबिंब पोर्टल से जो संदिग्ध नंबर मिला था, वह इनके टैबलेट में इस्तेमाल हो रहा था। इसके जरिये ही पुलिस गिरोह तक पहुंची। इनके पास से जो खाते बरामद हुए हैं, उनसे बड़े पैमाने पर ठगी की गई थी। 

साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि तीनों ग्रामीण इलाकों के निवासी हैं। तीनों ने साधारण पढ़ाई की है, लेकिन अच्छे पढ़े-लिखे युवाओं को ठग रहे थे। तीनों ने विभिन्न खातों का इस्तेमाल कर महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक, गुजरात और आंध्र प्रदेश के लोगों को ठगा है।
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चार साल से चल रहा था ठगी का धंधा
एसपी क्राइम ने बताया कि चार साल पहले एनसीआरबी पोर्टल पर शिवम के मोबाइल नंबर के आधार पर ठगी की पहली शिकायत दर्ज हुई थी। प्रतिबिंब पोर्टल से जांच के दायरे में आने के बाद जब उनकी टीम ने चेक किया तो पाया कि गिरोह के लोगों पर कई राज्यों में मोबाइल नंबरों के आधार पर अब तक 15 शिकायतें दर्ज की गई थीं। गिरोह के सदस्य खाते और मोबाइल नंबर बदलते रहते थे, इसलिए पकड़े नहीं गए। अब साइबर क्राइम पुलिस ने शिकंजा कसा है। शिवम की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।


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