बरेली जिले में गरीबों के मुफ्त राशन को अमीर भी हजम कर रहे हैं। आयकर और परिवहन विभाग के आंकड़ों का मिलान किया गया तो राशन ले रहे 39 हजार लोग संदिग्ध पाए गए। सत्यापन के दौरान इनमें से 20 हजार के अपात्र पाए जाने की पुष्टि हुई है। फिलहाल, इनके राशनकार्ड काट दिए गए हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से अपात्रों के राशन लेने की शिकायतें मिल रही थीं। वर्ष 2023 में शासन की ओर से अपात्रों को खुद ही कार्ड सरेंडर करने की हिदायत दी गई थी। तब दो हजार से ज्यादा लाभार्थियों ने राशन कार्ड काटने के लिए विभाग को पत्र सौंपा था। अब शासन के निर्देश पर मुख्यालय ने आयकर और परिवहन विभाग के डाटाबेस का लाभार्थियों की सूची से मिलान कराया। इसमें जिले के 39 हजार राशनकार्ड धारक ऐसे मिले जो आयकर रिटर्न भी भर रहे हैं। कुछ लाभार्थियों के कार, बाइक व भारी वाहन खरीदने का भी पता चला।
शासन से प्राप्त संदिग्धों की सूची के सत्यापन के लिए जिला पूर्ति अधिकारी ने टीम गठित की। जिला मुख्यालय से अफसर इसकी निगरानी कर रहे हैं। अब तक के सत्यापन में करीब 20 हजार लाभार्थियों के अपात्र होने की पुष्टि हो चकी है। बाकी संदिग्धों के सत्यापन का कार्य चल रहा है।