केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि पहली जुलाई से एक देश और एक टैक्स प्रणाली लागू होना तय है। बीस लाख रुपये वार्षिक कारोबार करने वाले इस कर प्रणाली दायरे से बाहर रहेंगे। आधे से ज्यादा विधान सभाएं स्टेट जीएसटी बिल पारित कर चुकी हैं, यूपी में इसे सोमवार को पेश किया जाएगा।
वाणिज्य कर विभाग ने एक्जीक्यूटिव क्लब में जीएसटी विषय पर तकनीकी जानकारी देने के लिए मेगा कार्यशाला लगाई। मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि देश परिवर्तन की दिशा में जा रहा है। आजादी के बाद आर्थिक आजादी मिलने जा रही है। अभी तक सभी राज्यों में अलग-अलग टैक्स स्लैब लागू हैं, एक कारोबार पर कई विभाग टैक्स वसूल रहे हैं। इसका बोझ सीधे आम उपभोक्ता पर ही पड़ता है, महंगाई बढ़ती है। इसलिए पहली जुलाई से एक देश एक टैक्स व्यवस्था लागू हो रही है। जीएसटी से संबंधित लगभग सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। विधान सभाएं अपने स्तर से बिल पारित कर रही हैं। यूपी विधानसभा सोमवार को इसे ला रही है। जून तक सभी विधानसभाओं से सहमति हो जाएगी।
पेट्रोलियम पदार्थ और शराब शामिल नहीं
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि डीजल, पेट्रोल, एटीएफ, क्रूड ऑयल, गैस और शराब जीएसटी में अभी शामिल नहीं हैं। बीस लाख रुपये सालाना टर्नओवर करने वाले व्यापारी भी दायरे से बाहर रखे गए हैं। श्रीनगर में 18-19 मई में जीएसटी कौंसिल की बैठक होगी। इसमें टैक्स स्लैब समेत कई बिंदुओं पर चर्चा होगी।
पंजीकरण कराएं
एडिशनल कमिश्नर बीपी सिंह ने व्यापारियों से कहा कि वे माइग्रेशन के लिए पंजीकरण कराएं। बरेली मंडल में अभी एक चौथाई कारोबारियों ने पंजीकरण नहीं कराया है। चंद्रिका प्रसाद, एपी शुक्ला, एलएल दोहरे आदि वरिष्ठ अफसरों ने व्यापारियों द्वारा उठाए गए सवालों का समाधान किया। चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष घनश्याम खंडेलवाल, आईआईए अध्यक्ष चंद्र भूषण, भारत भूषण शील, सराफा एसोसिएशन से संदीप अग्रवाल, उद्यमी रजत शर्मा, सोनू खंडेलवाल, सुरेश सुंदरानी, राकेश बूबना, अनिल पाटिल, सोनू शर्मा, केमिस्ट एसोसिएशन से दुर्गेश कुमार, गुलशन आनंद, वीरेंद्र गंगवार वीरु, विशाल मेहरोत्रा, राज अग्रवाल, आदेश प्रताप सिंह आदि ने सवाल किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारोबारी मौजूद रहे।