बरेली। दो समुदायों के युगल के रिश्तों को समाज की अस्वीकृति और सांप्रदायिक तनाव को दिखाते हुए नाटक ‘शुद्धि’ का मंचन किया गया। इसमें मन से नफरत और प्रतिशोध खत्म करने को सच्ची शुद्धि बताया गया। इसके साथ ही थिएटर अड्डा में रंगालय एकेडमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की ओर से खुशहाली सभागार में आयोजित 15 दिवसीय थिएटर फेस्ट का रविवार को समापन हुआ।
संस्कार भारती व चित्राली थिएटर फाउंडेशन शाहजहांपुर ने राजेश कुमार के लिखित और कप्तान सिंह कर्णधार के निर्देशित नाटक शुद्धि का मंचन किया। कहानी त्रिभुवन तिवारी और हुस्ना के प्रेम और विवाह पर आधारित है। दो समुदाय से ताल्लुक रखने वाले युगल के अच्छे-बुरे हालात को दर्शाते हुए संदेश दिया गया कि सच्ची शुद्धि किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन में नहीं, बल्कि मन से नफरत, हिंसा और प्रतिशोध की भावना खत्म करने में है। इस दौरान सलोचना कार्की, कप्तान सिंह ‘कर्णधार’, किंजल सक्सेना, अंकित त्रिवेदी, नौशाद अंसारी, शशि भूषण जौहरी, राज भूषण जौहरी, अभ्युदय कर्णधार, धृतिका कर्णधार, चित्राली कर्णधार और आमन जौहरी ने अभिनय किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विनोद पागरानी और पवन सक्सेना ने किया। शालिनी गुप्ता, अजय सुमन आदि ने सहयोग किया। संयोजक शैलेंद्र कुमार आजाद ने सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।