एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ मुखर हुए अलंकार
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री छह दिन बाद मंगलवार की देर शाम दोबारा बरेली पहुंचे। लाल फाटक रोड स्थित परशुराम धाम पर समर्थकों ने फूलमाला से स्वागत करने के साथ ही जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान अलंकार ने एससी-एसटी एक्ट को काला कानून बताया। केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छह फरवरी तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता है तो देशव्यापी आंदोलन शुरू करते हुए वह सात फरवरी को दिल्ली के लिए पैदल कूच करेंगे।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि परशुराम धाम में भगवान परशुराम के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की नई नियमावली केंद्र सरकार सोची-समझी साजिश के तहत लाई थी। इसमें सामान्य वर्ग और एससी-एसटी व ओबीसी को आपस में लड़ाने के प्रावधान किए गए थे। अलंकार ने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के खिलाफ भी टिप्पणियां कीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत की आत्मा पर यूजीसी रेगुलेशन एक्ट के माध्यम से हमला किया है। उनका कोर वोटर उनसे अलग हो चुका है और सरकार अल्पमत में है। यदि इस समय चुनाव हों तो सत्ताधारी दल को जीरो सीट मिलेगी। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किशन लाल प्रकरण में आदेश पारित किया था कि बिना जांच के कोई एफआईआर या गिरफ्तारी नहीं होगी। उसे भी जनप्रतिनिधियों ने पलट दिया और सेक्शन-18ए जोड़ दिया गया। इससे सुप्रीम कोर्ट का आदेश निष्प्रभावी हो गया।