जिला प्रशासन ने त्रिशूल एयरबेस की बाउंड्रीवाल के बाहर 100 मीटर की परिधि में पेड़ लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां पर पहले से ही भवनों के निर्माण पर रोक लगी हुई थी। इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी तहसील, रजिस्ट्री कार्यालय और विकास प्राधिकरण को संयुक्त रूप से सौंपी गई है।
जनवरी 2010 में जारी भारत सरकार के गजट का उल्लेख करते हुए डीएम गौरव दयाल ने कहा है कि त्रिशूल एयरबेस के बाउंड्रीवाल के 100 मीटर तक किसी भी तरह का निर्माण अवैध होगा। यहां तक कि पेड़ भी नहीं लगा सकेंगे, भूमि खुली रहेगी और खेती ही हो सकेगी। जो भी इस संपत्ति को बेचेंगे या खरीदेंगे, वे भी इस आदेश का पालन करेंगे। इस आदेश का उल्लंघन करके जो भवन बनेंगे उनको ध्वस्त किया जाएगा और उन पर खर्च होने वाली राशि भी उन्हीं से वसूली जाएगी।
‘पहले फेज में पेट्रोलिंग के लिए सड़क बनाने पर जोर है। इसीलिए सड़क के लिए जमीन जुटाई जा रही है। इसके बाद ही बाकी के हिस्से के अवैध निर्माण के बारे में कोई फैसला होगा।’
गौरव दयाल, डीएम