बरेली। यूपी बोर्ड परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हो गईं लेकिन शहर के कई इलाकों में परीक्षाओं के दौरान लाउडस्पीकर तेज आवाज में बजते रहे। पुलिस और प्रशासनिक तंत्र भी तमाशबीन नजर आता है। बदायूं में तेज आवाज में डीजे बजाने से रोकने गए एक सिपाही की मौत हो गई और दूसरा जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है। आईजी ने कंट्रोल रूम को मैसेज दिलवाया कि रात में बज रहे सारे डीजे और बैंडबाजे बंद करा दिए जाएं लेकिन इस आदेश का असर कुछ हुआ नहीं। सिर्फ डीडीपुरम के हरि मिलाप बैंक्वेट हाल में बज रहे डीजे को बंद कराया गया वो भी शिकायत मिलने के बाद। शहदाना आसिफ अली बारात घर, शहामतगंज, बरेली कालेज रोड, माडल टाउन इलाके में सड़कों पर बैंड बजते रहे। सिविल लाइंस हनुमान मंदिर में अखंड रामायण में लाउड स्पीकर बजता रहा ।
सिर पकड़कर बैठ रहे परीक्षार्थी
शहर के बीचोंबीच कुतुबखाने से सटे आठ इंटर कॉलेज हैं, जिनमें बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड की परीक्षा का पहला दिन था। एक धार्मिक स्थल पर पूरे दिन बजते रहे लाउडस्पीकर के शोर से परीक्षार्थियों को बेहद असुविधा हुई। इसकी शिकायत केंद्र व्यवस्थापक से की गई।
आईजी ने दी चेतावनी
आईजी विजय सिंह मीना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि रात दस बजे से बाद कोई डीजे नहीं बजाएगा। सभी थाना प्रभारियों को रात में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
क्या हैं कानून
1- 144 सीआरपीसी की धारा है, इसका उल्लंघन करने पर पुलिस 188 आईपीसी में कार्रवाई करके आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करती है। जिसमें अपराध की श्रेणी के आधार पर एक माह से लेकर छह माह तक की सजा और दो सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह दंड अलग-अलग और एक साथ भी हो सकता है।
2- शांति भंग की स्थिति में पुलिस 151 में भी गिरफ्तार करके कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी को पेश कर सकती है। शांति भंग या कानून व्यवस्था खराब पर पंद्रह दिन के लिए जेल हो सकती है। इस आदेश की किसी भी मजिस्ट्रेट के यहां अपील नहीं होती है। बाद में सुनवाई होने पर एक माह की सजा और एक हजार रुपये तक के जुर्माना प्रावधान है।
पुलिस कहती है हम खलल नहीं डालते
बरेली। प्रभारी निरीक्षक बारादरी कमरुल हसन का कहना है कि रात दस बजने पर फिलहाल उनके इलाके में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहीं से सूचना आती है को डीजे बंद करा दिया जाता है। बिना वजह पुलिस भी तो किसी की शादी में खलल नहीं डाल सकती है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा ने बताया कि शिकायतें आने पर डीजे बंद कराए जाते हैं। कई बार शादी हाल में डीजे बजने की शिकायतें मिलने पर बंद कराया गया है, लेकिन फिलहाल कोई शिकायत नहीं आई है।