बरेली मंडल समेत उत्तराखंड के पशुओं का हो रहा इलाज
डॉ. रेखा के मुताबिक, हाल ही में पीलीभीत जिले के बीसलपुर तहसील के गांव जल्लापुर निवासी राकेश गंगवार पड्डे और मुन्नी देवी के पालतू कुत्ते की हार्निया संबंधी सर्जरी की गई। परिणाम सकारात्मक रहे। अब तक रेफरल पॉली क्लीनिक में बरेली, मुरादाबाद मंडल समेत उत्तराखंड से आए हार्निया पीड़ित पशुओं का इलाज किया जा चुका है।
मनुष्यों में भी कारगर होने की संभावना
बायोएक्टिव जाल का प्रयोग मनुष्यों में भी कारगर साबित होने की संभावना वैज्ञानिकों ने जताई है। विभिन्न प्रजाति के पशुओं में सर्जरी सफल होने के बाद अब मनुष्यों में भी इस तकनीक के इस्तेमाल संबंधी शोध कार्य शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इससे पूर्व तकनीक के पेटेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पेटेंट मिलने पर तकनीक को कॉमर्शियल किया जाएगा।