ओटीएस के लिए शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
शहर के लोगों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने की भी तैयारी है। इसके तहत ब्याज दिए बिना गृहकर का बकाया जमा किया जा सकेगा। इससे लंबित मामलों का भी तेजी के साथ निस्तारण होगा। सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को हुई बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव दिया। इसके बाद निर्णय हुआ कि ओटीएस के लिए एक प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
बंटवारा और नाम सुधार प्रक्रिया का सरलीकरण
जिन भवनों का बंटवारा हो चुका है और उन पर कोई बकाया नहीं है, उनकी अलग-अलग आईडी तत्काल बनाकर स्वामियों को सौंप दी जाएगी। जिससे निगम का कर समय से जमा हो सके। कहा कि यदि पैतृक संपत्ति में यदि बंटवारा होना है तो उसके लिए अलग-अलग शपथ पत्र के साथ 100 रुपये के स्टाप पेपर पर शपथपत्र देना होगा। इसके बाद सभी का कर अलग-अलग बन जाएगा। वहीं, नाम में सुधार करवाने के लिए भवन स्वामियों को अब परेशान नहीं किया जाएगा और इस प्रक्रिया के दौरान भवन की पैमाइश पर रोक लगा दी गई है। बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी, सर्वेश रस्तोगी, मुकेश सिंघल, सलीम पटवारी आदि मौजूद रहे।