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Bareilly News: ट्रेनें और यात्री बढ़े, सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम अब भी नाकाफी

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बरेली। जंक्शन पर यात्रियों और ट्रेनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दूसरी ओर सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम अब भी नाकाफी हैं। प्लेटफार्म नंबर पांच और छह पर सुविधाओं का हाल सबसे बुरा है। यहां रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तक नहीं है। प्लेटफार्म नंबर पांच और छह से रोजाना औसतन 22 ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें कई लंबी दूरी की भी हैं।
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जंक्शन पर छह प्लेटफार्म हैं। अधिकारियों का निरीक्षण ज्यादातर प्लेटफार्म नंबर एक और दो तक ही सीमित रहता है। अधिकारियों के कार्यालय, प्रशासनिक भवन, जीआरपी और आरपीएफ थाने प्लेटफार्म नंबर एक पर ही स्थित हैं। ऐसे में अन्य प्लेटफार्म पर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाता। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
जंक्शन पर रोजाना औसतन 190 ट्रेनों और 30-35 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। इतने यात्रियों के बैठने और सुविधाजनक तरीके से ट्रेनों का इंतजार करने तक की व्यवस्था नहीं है। प्लेटफार्म नंबर एक पर ही सैकड़ों की संख्या में यात्री फर्श पर बैठकर या लेटकर घंटों ट्रेनों का इंतजार करते हैं। संवाद
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प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय में बैठने पर देना होता है शुल्क
प्लेटफार्म नंबर एक पर प्रथम श्रेणी का प्रतीक्षालय अनुबंध पर निजी फर्म को दे दिया गया है। यात्रियों को यहां बैठने के लिए प्रति घंटा 30 रुपये शुल्क देना होता है। दूसरे प्रतीक्षालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

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स्वच्छता का दावा, कई स्थानों पर लगे गंदगी के ढेर
रेलवे स्वच्छता का दावा करता है। स्वच्छ रेल और स्वच्छ स्टेशन अभियान भी चलाया जात रहा है। इसके बाद भी जंक्शन पर कई स्थानों पर गंदगी है। प्लेटफार्म नंबर पांच और छह के आसपास गंदगी के ढेर रहे हैं। प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर तो सफाई व्यवस्था कुछ ठीक-ठाक है, लेकिन अन्य पर स्थिति खराब है।


सुरक्षा बलों की कमी, महीनों से खराब पड़ा लगेज स्कैनर
सुरक्षा के लिहाज से जंक्शन के प्लेटफार्म नगर एक के मुख्य द्वार पर लगेज स्कैनर लगाया गया है। यह काफी समय से खराब पड़ा है। मुख्य द्वार पर आने-जाने वाले लोगों के लगेज की चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। दूसरी ओर जीआरपी और आरपीएफ के पास स्टाफ की कमी भी है।
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