बरेली। उत्तराखंड की शक्तिपीठ पूर्णागिरि का मेला इस बार 16 अक्तूबर से शुरू होगा, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार ट्रेनों का संचालन हो पाने पर असमंजस बना हुआ है। बरेली-पीलीभीत-टनकपुर रूट पर 22 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद है। पूर्णागिरि मेले के लिए ट्रेनों के संचालन की अनुमति रेलवे बोर्ड गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद ही देगा, लेकिन फिलहाल इस बारे में मंडलीय अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
आमतौर पर पूर्णागिरि मेला होली के दिन से शुरू होता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से उत्तराखंड सरकार ने मेले की अनुमति नहीं दी थी। अब मेला 16 अक्तूबर से नवरात्र पर शुरू होगा, जो करीब एक महीने तक चलेगा। पूर्णागिरि मेले के लिए मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं, बरेली, हरदोई, सीतापुर, शाहजहांपुर, संभल, मुरादाबाद, रामनगर, काशीपुर, हल्द्वानी आदि शहरों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ज्यादातर श्रद्धालु बरेली सिटी स्टेशन से ट्रेन पकड़कर पीलीभीत होते हुए टनकपुर जाते हैं। सिटी स्टेशन से पीलीभीत के लिए पांच पैसेंजर ट्रेनें और पीलीभीत से टनकपुर के लिए चार ट्रेनें हैं। इसके अलावा त्रिवेणी एक्सप्रेस और दिल्ली-टनकपुर एक्सप्रेस भी है, लेकिन ये सभी ट्रेनें 22 मार्च से बंद हैं। इसके अलावा इज्जतनगर रेल मंडल मेला स्पेशल ट्रेनें भी चलाता है। सूत्रों का कहना है कि ट्रेनें चलाने के लिए रेलवे ने गृह मंत्रालय से वर्तमान स्थिति को देखते हुए रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट गृह मंत्रालय जिला प्रशासन को देगा। इसके बाद ही रेलवे बोर्ड ट्रेनें चलाने या न चलाने का फैसला लेगा।