बरेली। स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ने के बाद लोगों को लगा कि नगर निगम शायद अब गंभीर हो जाएगा मगर हालात अब भी नहीं सुधरे हैं। रैंकिंग में पिछड़ने के बाद तय हुआ था कि डंपिग ग्राउंड से रोजाना कूड़ा उठेगा लेकिन यहां भी कोताही बरती जा रही है। शाहदाना चौराहा, चौपुला चौराहा किशोर रोड समेत अन्य जगहों पर भी बुरा हाल है। नगर निगम की गाड़ी तीन दिन में एक बार कूड़ा उठाने आती है, दो दिन लोगों को बदबू झेलनी ही पड़ती है। संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का दावा है कि हर डंपिग ग्राउंड से कूड़ा रोज उठाया जा रहा है। वह इसे दोबारा चेक कराएंगे.. अगर कहीं समस्या मिली तो उसका हल निकाला जाएगा।
चौपुला चौराहा किशोर रोड
चौपुला चौराहा से किशोर रोड बाजार में एक डंपिग ग्राउंड बनाया गया है। यहां दो-तीन दिन में एक बार कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम की गाड़ी आती है। इससे यहां सड़क तक कूड़ा फैला रहता है। कूड़ा होने से आवारा पशु भी ढेर के आस पास घूमते रहते हैं। दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायत की गई कि रोजाना कूड़ा उठ जाए तो बदबू नहीं फैलेगी.. मगर समस्या का हल आज तक नहीं हुआ।
शहदाना चौराहा
यहां डंपिग ग्राउंड के बाहर आधी सड़क तक निगम की गाड़ियां कूड़ा डाल जाती है। तीन दिनों बाद ही यहां से कूड़ा उठ पाता है। रोज का रोज उठ जाए तो यहां गंदगी और बदबू से आस पास के लोगों से निजात मिल जाए। कूड़ा तीन दिन तक पड़ा रहता है। गीले कूड़ा बहकर सड़क तक आ जाता है। ऐसे में यहां आधी सड़क कूड़े से ही घिरी रहती है।
डेलापीर
यहां नगर निगम ने बड़ा डलावघर बना रखा है। यह क्षेत्र आता तो स्मार्ट सिटी की एबीडी एरिया में है मगर यहां डलावघर से उठ रही बदबू सड़क पर सौ मीटर तक आती रहती है। डलावघर के पास ही दुकानदार इस बदबू के रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि इन्हीं परिस्थितियों के बीच उन्हें काम करना पड़ रहा है। पास में ही कालोनी का रास्ता है तो ऐसे में लोग कालोनी के गेट में घुसते समय नाक बंद कर ही गुजरते हैं।