बरेली में एकां मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे सिन्हा ने एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किराए में तो अभी सब्सिडी वाली स्थिति है। उन्होंने कहा कि इस समय बहुत ज्यादा नई ट्रेनों को चलाना संभव नहीं हैं क्योंकि रूट बहुत बिजी हैं। 100 ट्रेनों वाले रूट पर 176 ट्रेनें चल रही हैं जिससे उनका संचालन प्रभावित हो रहा है। इस चुनौती से पार पाने के लिए रेलवे लाइनों की डबलिंग और ट्रिपलिंग करने पर फोकस है। उन्होंने रेलवे नेटवर्क का गैप खत्म करने को एक चुनौती बताते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक रेलवे नेटवर्किंग सवा दो गुना बढ़ी जबकि पैसेंजर कैरियर तीन गुना और फ्रेट कैरियर सात गुना बढ़ा है। इस गैप को दूर करने के लिए अगले पांच साल में 20 हजार किमी की नई रेलवे लाइन बिछेगी तो 10 हजार किमी लाइन का अमान परिवर्तन और 10 हजार किमी रेलवे लाइन का दोहरीकरण होगा। बरेली में कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारण से ट्रेनों का ठहराव बढ़ाना घाटे का सौदा है। मेल-एक्सप्रेस का सभी स्टेशनों पर ठहराव संभव नहीं है। उन्होंने बरेली रूट पर डबल डेकर ट्रेन का संचालन जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई। इस दौरान आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप, शाहजहांपुर सांसद कृष्णा राज आदि मौजूद थे।
इससे पहले जंक्शन पर रेलमंत्री राज्यमंत्री से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर सवाल किया गया तो कहने लगे कि देश में हर धर्म के लोगों की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी सरकार की है। इसके अलावा ट्रेन की सुरक्षा और लेटलतीफी को लेकर किए गए सवालों पर रेलमंत्री ने कहा कि इस संबंध में काम चल रहा है। सुधार हो रहा है, ट्रेन में गश्त बढ़ाई जा रही है। ट्रेन यात्रियों के सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में शामिल है।