एक दिन पहले ही मंगलवार को मिल बंद करने की बात करने वाले मिल प्रबंधन ने इसके पीछे मशीन में खराबी के कारण उसके ठीक से न चल पाने की बात बताई है। मिल बंद होने की बात साफ होते ही एसडीएम ने मिल के गोदामों में रखी चीनी सील करा दी है और पांच-पांच लाख के मुचलके से पाबंद किए गए मिल अफसरों से वसूली को नोटिस जारी कर दिया है।
मिल ने मंगलवार को गेट बंद करके गन्ना लेने से मना कर दिया था। बाद में गेट तो खोल दिया गया था, मगर गन्ना तब भी नहीं लिया गया था। वेइंग मशीन पर लगे कंप्यूटर भी हटा लिये गए थे। विरोध के बाद गन्ना समिति सचिव ने मिल के जीएम से बात करके गन्ना आने तक पेराई जारी रखने को कहा था। सचिव की बात को भी नहीं मानते हुए बुधवार को मिल पूरी तरह बंद रखी गई। ऐसे में गन्ना समिति ने मिल के गन्ना क्रय केन्द्रों को मीरगंज, फरीदपुर व पीलीभीत की चीनी मिलों को डायवर्ट करने का प्रस्ताव पारित कर दिया। एसडीएम रजनीश राय का भी कहना है कि क्षेत्र के किसानों का गन्ना दूसरी चीनी मिलों को भिजवाया जाएगा। मिल के जिन अधिकारियों से वसूली के लिए नोटिस दिए गए हैं, उनमें जीएम एसपी ओझा, जीएम केन सुनील कुमार अरोरा, प्रबंधक गुरुदेव सिंह तथा रवि राजौरा शामिल हैं।
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खराबी के कारण मिल बंद करना पड़ी : जीएम
जीएम एसपी ओजा का कहना है कि मशीनों में खराबी के कारण मिल ठीक से नहीं चल पा रही थी, जिससे मिल घाटे में जा रही है। इसी वजह से फिलहाल मिल बंद करना पड़ी। बताया कि जिला गन्ना अधिकारी के माध्यम से गन्ना आयुक्त को मिल की इस खराबी के बारे में बता दिया गया है। साथ ही किसानों के हित को देखते हुए मिल के खरीद केंद्र दूसरी मिलों को डायवर्ट करने का अनुरोध भी उनकी ओर से किया गया है।