जीआरपी बोली- कॉलडिटेल निकालकर आगे बढ़ाएंगे तफ्तीश
बरेली। छेड़खानी का विरोध करने पर ट्रेन से फेंकी गई पीड़िता की हालत ठीक न होने की वजह से वह बरेली नहीं आ पा रही है। परिवार ने अब ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराने का फैसला लिया है। इधर, तफ्तीश के नाम पर घटना को नकारने संबंधी साक्ष्य जुटाने में मशगूल जीआरपी का कहना है कि अब पीड़िता की कॉल डिटेल निकालकर तफ्तीश आगे बढ़ाई जाएगी।
पीतांबरपुर और टिसुआ स्टेशन के बीच युवती को ट्रेन से फेंकने की घटना के बारे में कोई सुराग हाथ न लगने पर जीआरपी और आरपीएफ पशोपेश में पड़ गई है। शनिवार को सीओ जीआरपी देवीदयाल घटनास्थल का मौका मुआयना करके तथ्य जुटा चुके हैं, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। अब जीआरपी पीड़िता के फोन की कॉलडिटेल निकलवाएगी। जिससे पता लग सकेगा कि पीलीभीत से पीतांबरपुर स्टेशन तक उसकी कितने लोगों से कितनी देर तक बात हुई है। पीड़िता के तहरीर न देने पर पुलिस किसी पर हाथ डालने से कतरा रही है। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने उसकी मां को फोन किया तो उन्होंने बताया कि पीड़िता के शरीर में दर्द है, वह किसी से बात नहीं कर सकती है। अमर उजाला से बातचीत में पीड़िता के मौसा ने बताया कि छेड़खानी का विरोध करने पर युवती को ट्रेन से धक्का दिया गया। अभी पीड़िता की तबियत ठीक नहीं है। वह ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराएगी। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा तो शिनाख्त करने के लिए जीआरपी थाने आएगी। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को एक युवक ने काठगोदाम लखनऊ एक्सप्रेस से लखनऊ जा रही पीलीभीत की एक युवती को छेड़खानी का विरोध करने पर ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया था।