निगम के पास वर्तमान में कोई भी चालू हालत में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर नहीं
बाकरगंज में ओवर डंपिंग के चलते अब शहर में यहां-वहां खुले में फेंका जा रहा कूड़ा
बरेली। नगर निगम अधिकारियों द्वारा हाल ही में स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में शहर के चार जोन में कूड़ा ट्रांसफर सेंटर बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। पर इस सेंटर से कूड़ा ट्रांसफर कहां किया जाएगा, यह निगम का कोई भी अधिकारी बताने को तैयार नहीं। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा कूड़ा कलेक्शन का काम भी ठप है। उधर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर बाकरगंज में भी कूड़ा ओवरडंपिंग के चलते निगम के कर्मचारी व निजी कूड़ा उठाने वाली कंपनियां कूड़े को शहर के आसपास खुले में फेंक रही हैं, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सरकार से मिल रहे 22 सौ करोड़ रुपये ठिकाने लगाने के लिए निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने हवा हवाई योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं। शहर के चार जोन में कूड़ा ट्रांसफर सेंटर बनाने का प्लान भी इन्हीं में से एक है। इसके तहत करीब सोलह करोड़ रुपये की लागत से कूड़ा इकट्ठा करने और यहां से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाने का ठेका दिया जा रहा है। मजे की बात यह है कि शहर में एक भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट काम नहीं कर रहा है। बाकरगंज का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी बंद हो चुका है। संचालक कंपनी भाग चुकी है। वहीं इसका डंपिंग ग्राउंड भी ओवर हो चुका है। रजऊ परसपुर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। ऐसे में यहां कूड़ा डंप करने से खुद निगम के अधिकारी कतराते हैं। इन स्थितियों के बीच जब कूड़ा डंप करने की कोई पक्की व्यवस्था नहीं हो सकी थी तो निगम के अधिकारियों ने ट्रांसफर सेंटर के नाम पर स्मार्ट सिटी के 16 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने की योजना क्यों बना ली, यह समझ से परे है।
खुले में फेंक रहे कूड़ा, कर रहे आम
लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर के अभाव मेें नगर निगम के अधिकारियों ने अब खुले में कूड़ा डंप कराना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों सिटी श्मशान के आगे सरायतल्फी के पास एक किसान की खुली खाली पड़ी जमीन पर निगम ने कूड़ा डंप करना शुरू कर दिया। हालांकि इसके लिए किसान से सहमति ले ली गई थी, लेकिन आबादी के पास कूड़ा डंप करना लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यही हाल जोगी नवादा के पास स्थित रामलीला मैदान का भी है। यहां भी निगम के अधिकारी खुले में कूड़ा डंप कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के आसपास के सभी इलाकों में जहां भी खाली जगह इन्हें मिल जाती है, कूड़ा डंप कर दिया जाता है।