आम दिनों की अपेक्षा 25 फीसदी कम हुई आमदनी
बरेली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में माहौल खराब होने की आशंका के चलते शुक्रवार को जंक्शन पर भी सन्नाटा पसरा रहा। कई ट्रेनें जंक्शन से खाली ही गुजर गईं। जबरदस्त भीड़ वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस और काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस में भी यात्री कम दिखे। जंक्शन, सिटी स्टेशन और इज्जतनगर स्टेशन पर साधारण और रिजर्वेशन टिकटों से होने वाली आमदनी भी 25 फीसदी कम रही। जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में भी इक्का-दुक्का ही आटो रिक्शा खड़े दिखे।
शुक्रवार को लोग एहतियातन घरों से नहीं निकले। जंक्शन, सिटी स्टेशन और इज्जतनगर स्टेशन पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। टिकट विंडो पर भी रोजाना की तरह भीड़ नहीं थी। जंक्शन पर रोजाना करीब 18 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। कमर्शियल अनुभाग के सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को राजस्व प्राप्ति 25 प्रतिशत कम रही। सिटी स्टेशन की राजस्व प्राप्ति रोजाना लगभग तीन लाख रुपये है, जो 2.25 लाख रुपये रही। इज्जतनगर स्टेशन की रोजाना की राजस्व प्राप्ति ढाई लाख है, जो 1.80 लाख रुपये रही। सिटी स्टेशन पर लालकुआं और पीलीभीत आदि जगहों से भी कम ही यात्री आए। जंक्शन पर भी ज्यादातर ट्रेनें खाली ही नजर्र आइं। ज्यादातर स्लीपर कोच में नाममात्र के यात्री दिखे। उनमें केवल वही यात्री थे, जिन्होंने पहले से रिजर्वेशन करा रखा था।
‘अफवाहों के चलते लोग जंक्शन पर नहीं आए, जिसका असर रेलवे के राजस्व पड़ा है। जंक्शन पर किसी भी विवाद से निपटने के लिए आरपीएफ और जीआरपी अलर्ट थी।’
- मानसिंह मीणा, एडीआरएम, मुरादाबाद रेल डिवीजन
इंटरनेट बंद होने से हुई परेशानी
रेलवे के एप से ट्रेनों की जानकारी मिलने से करीब 90 प्रतिशत यात्री जंक्शन के इंक्वायरी आफिस में लगे ट्रेनों के टाइम बोर्ड की ओर रुख नहीं करते हैं, लेकिन शुक्रवार को इंटरनेट न चलने से रेलवे का एप भी काम नहीं कर सका, जिसके चलते पूछताछ काउंटर पर यात्री ट्रेनों के बारे में पता करते रहे।