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हाईस्पीड ट्रेन को मीरगंज में लगे झटके, अब ट्रैक संभालेंगे

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बरेली जंक्शन के यार्ड में खड़ा हाई स्पीड इंजन। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। हाईस्पीड इंजन 130 की रफ्तार से क्यों नहीं दौड़ा... इसका जवाब जानने के लिए बुधवार को आरडीएसओ की टीम उपकरणों से लैस दो बोगियों की ट्रेन लेकर निरीक्षण को निकली। 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही हाई स्पीड ट्रेन को नगरिया सादात में झटके लगे। टीम इस जगह की पटरी को कमजोर मान रही है और अब ट्रैक संभाला जाएगा। वहीं दो कोच लगाकर हाईस्पीड इंजन का भी ट्रायल लिया गया। आरडीएसओ की ट्रेन के दो किलोमीटर पीछे-पीछे ये इंजन भी 120 की रफ्तार से दौड़ा।
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मंगलवार देर रात लखनऊ से आरडीएसओ की एक और ट्रेन जंक्शन पहुंच गई। जंक्शन से बुधवार दोपहर एक बजे ये ट्रेन ट्रैक के निरीक्षण के लिए निकली। जब ये ट्रेन दो किलोमीटर आगे निकल गई तो दो बोगियों के साथ हाईस्पीड इंजन को ट्रॉयल के लिए दौड़ाया गया। दोनों ट्रेनें 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ीं। सूत्रों का कहना है कि नगरिया सादात स्टेशन के बीच आरडीएसओ की ट्रेन को मामूली झटके लगे, लेकिन लोको पायलट ने ट्रेन रोकी नहीं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रात एक बजे मुरादाबाद से आ रही मालगाड़ी नगरिया सादात-धनेटा सेक्शन पर पटरी से उतर गई थी।
यहां बता दें कि मंगलवार को आरडीएसओ की टीम ने इंजन में दो कोच लगाकर ट्रैक का परीक्षण किया था। एक कोच में करीब 35 किलोग्राम वजन की रेत की लगभग 30 बोरियां और दूसरे कोच में इलेक्ट्रिक उपकरण रखे हुए थे। दोपहर ढाई बजे के करीब ट्रेन को जंक्शन से मुरादाबाद तक दौड़ाया गया था। इलेक्ट्रानिक यंत्र ट्रैक पर कितने मोड़ हैं और कितना उठान है इसकी जानकारी देते रहे थे। रेलवे के जानकारों के मुताबिक ट्रैक का परीक्षण होने के बाद ट्रैक की मेंटीनेंस की जाएगी।
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