बरेली। 130 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंजन नहीं दौड़ा तो आरडीएसओ की टीम चिंता में पड़ गई है। मंगलवार को आरडीएसओ की टीम ने इंजन के साथ ट्रैक का भी परीक्षण किया। ट्रायल पांच दिन चलेगा। ट्रैक का मुरादाबाद तक परीक्षण करके टीम देर रात जंक्शन लौट आई। हालांकि अभी टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
मंगलवार को आरडीएसओ की टीम ने इंजन में दो कोच लगाकर ट्रैक का परीक्षण किया। एक कोच में करीब 35 किलोग्राम वजन की रेत की लगभग 30 बोरियां और दूसरे कोच में इलेक्ट्रिक उपकरण रखे हुए थे। दोपहर ढाई बजे के करीब ट्रेन को जंक्शन से मुरादाबाद तक दौड़ाया गया। सेंसर और डिवाइस से ट्रैक की कमजोरी का पता लगाया जा रहा है। स्पीड परीक्षण के लिए ट्रेन में कई प्रकार के आधुनिक यंत्र हैं, जो ट्रैक पर कितने मोड़ हैं और कितना उठान है इसकी जानकारी देते हैं। इससे यह भी पता चलेगा कि कोच ने कहां-कहां जंप किया है। पांच दिन ट्रायल होने के बाद ट्रैक का परीक्षण होने के बाद ट्रैक की मेंटीनेंस की जाएगी। गौरतलब है कि 29 नवंबर को एनआर के महाप्रबंधक जंक्शन का निरीक्षण करने आने वाले हैं। संभावना है कि वह भी हाईस्पीड इंजन से ट्रायल लेंगे।