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डीआरएम ने रेलवे अस्पताल में पकड़ीं लाखों की एक्सपायर्ड दवाएं

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डीआरएम ने रेलवे अस्पताल में पकड़ीं लाखों की एक्सपायर्ड दवाएं - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। बरेली जंक्शन और आसपास के स्टेशनों पर करीब दो हजार रेल कर्मचारी हैं, इनमें केवल रोजाना पांच-छह कर्मचारी ही जंक्शन के रेलवे अस्पताल में पहुंचते हैं, वह भी इलाज के लिए नहीं, बल्कि मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए। नतीजा यह है कि यहां हर साल भेजी जाने वाली लाखों रुपये की दवाएं एक्सपायर हो जाती हैं। डीआरएम ने शनिवार को निरीक्षण में अस्पताल में लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाएं पकड़ीं तो उनके तेवर चढ़ गए। उन्होंने डॉक्टर को जल्द ही व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
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दरअसल, उत्तर रेलवे के जीएम टीपी सिंह 29 नवंबर को बरेली जंक्शन का निरीक्षण करेंगे। उन्हें निरीक्षण में कोई खामी न मिले, इसके लिए शनिवार को मुरादाबाद के डीआरएम तरुण प्रकाश ने जंक्शन के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। प्लेटफार्म का निरीक्षण करने के बाद वह रेलवे अस्पताल पहुंचे। आउटडोर मरीजों का रजिस्टर चेक किया तो उसमें रोजाना केवल पांच-छह मरीजों की ही एंट्री थी। दवाइयों का स्टॉक रजिस्टर भी अव्यवस्थित था। स्टोर में दवाइयां चेक कर्राइं तो ज्यादातर दवाएं एक्सपायर्ड मिलीं। एक्स-रे रजिस्टर में भी तारीख गलत डाली गई थी। यह देखकर डीआरएम का पारा चढ़ गया। वह डॉ. वेदप्रकाश से बोले- अस्पताल में इलाज के लिए मरीज आते हैं या मरने के लिए। यह दवाएं कौन खाएगा, मरीजो की कम संख्या देखकर कहा कि जंक्शन और आसपास के स्टेशनों पर करीब दो हजार कर्मचारी हैं, लेकिन रेलवे के अस्पताल में इतने कम मरीज। साफ है कि वह अस्पताल में बैठते ही नहीं हैं। डॉक्टर चुपचाप सुनते रहे। डीआरएम ने उन्हें जल्द ही सभी व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए। इसके बाद उन्होंने पॉवर केबिन, वॉशिंग लाइन, इलेक्ट्रीफिकेशन आफिस, लोको लॉबी, गार्ड और ड्राइवर का रिटायरिंग रूम आदि का निरीक्षण करके सभी व्यवस्था ठीक करने को कहा।

कंपाउंडर नहीं जानता कैसे होगा उपचार
रेलवे अस्पताल में फर्स्ट एड बॉक्स भी था, जिससे प्लेटफार्म पर यात्री को चोट लगने या दर्द होने पर तुरंत इलाज दिया जा सके। फर्स्ट एड बॉक्स चेक किया तो उसमें भी एक्सपायर्ड दवाएं थीं। चोट लगने पर इस्तेमाल करने के लिए सोफरामाइसिन का ट्यूब तो था, लेकिन यात्री को कैसे इलाज दिया जाएगा, यह कंपाउंडर नहीं बता सका। डीआरएम ने कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए।
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जंक्शन से रोजाना चोरी होते हैं पेंड्रोल क्लिप और लोहा
डीआरएम ने रेलवे का गोदाम चेक किया तो पता चला कि पटरियों पर लगाने के लिए पेंड्रोल क्लिप बहुतायत में जारी किए जा रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि जंक्शन के आसपास के स्टेशनों से पेंड्रोल क्लिप खूब चोरी हो रहे हैं। उन्होंने रोजाना चोरी की सूचना आरपीएफ को देने को कहा, ताकि घटनाओं पर अंकुश लग सके।

रेलवे यूनियनों ने दिया ज्ञापन
जंक्शन पर उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) और उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (उरमू) के पदाधिकारियों ने डीआरएम को ज्ञापन दिया। नरमू के शाखा अध्यक्ष राजेश दुबे और शाखा सचिव पंकज सक्सेना ने रेलवे आवासों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों को निकालने, आवासों का मेंटीनेंस न होने आदि बिंदुओं पर कार्रवाई करने का ज्ञापन दिया। उरमू शाखा अध्यक्ष अकरम खां और शाखा सचिव साबिर हुसैन ने रेलवे मनोरंजन संस्थान की दशा सुधारने, रेलवे स्कूल में टीचर्स की कमी संबंधी ज्ञापन दिया।

नौकरी न मिलने पर डीआरएम से मिली दिवंगत एसएम की पत्नी
पांच साल पहले ड्यूटी के दौरान निधन हुए स्टेशन मास्टर (एसएम) रामदास की पत्नी मुन्नी देवी भी डीआरएम से मिलीं। उन्होंने बताया कि उसके पति की मृत्यु 22 दिसंबर 2014 को हुई थी, लेकिन उसके पुत्र मनोज कुमार को आज तक अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं मिली है। वह मुरादाबाद डिवीजन के आफिस के पांच साल से चक्कर लगा रही हैं। डीआरएम ने बताया कि जांच के बाद नौकरी दिलाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
जंक्शन पर सभी व्यवस्था अस्तवस्त मिली हैं, सुधारने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे महाप्रबंधक को अपने निरीक्षण के दौरान कोई खामी न मिल सके। एस्केलेटर भी 29 नवंबर से पहले चालू हो जाएगा। - तरुण प्रकाश, डीआरएम मुरादाबाद डिवीजन
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