बरेली। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। एक डॉक्टर के चेंबर में तीन मरीज घुसे तो डॉक्टर का पारा हाई हो गया। वह चेंबर छोड़कर ही चले गए। मरीज तीन घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन डॉक्टर साहब लौटकर नहीं आए। मरीजों ने सीएमएस से शिकायत की, लेकिन इसका भी कोई फर्क नहीं पड़ा। अंत में मरीजों को बिना दवा लिए ही वापस लौटना पड़ गया।
सोमवार को जिला अस्पताल में आम दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रहती है। ओपीडी कमरा नंबर सात में फिजीशियन मरीजों के लिए दवा लिख रहे थे। मरीजों की लाइनें भी सुबह आठ बजे से लगी हुई थीं। करीब 11 बजे तीन मरीज एक साथ चेंबर में आ गए। यह देखकर डॉक्टर साहब गुस्से में चेंबर छोड़कर ही चले गए। तीन घंटे तक चेंबर के सामने मरीज डॉक्टर के इंतजार में खड़े रहे। इसके बाद पुराने शहर के जाकिर खान, सत्यपाल, बंसी नगला के महेंद्र, टिसुआ के रामपाल, श्यामगंज की शाहजहां आदि सीएमएस डॉ. टीएस आर्या के पास पहुंची और कमरा नंबर सात का हाल बताया। उनका कहना था कि सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हुए हैं, जब नंबर आया तो डॉक्टर साहब ही उठकर चले गए। हालांकि परेशान मरीजों की समस्या का हल डॉ. आर्या भी नहीं कर सके। बाद में कुछ देर बाद मरीज भी बिना दवा लिए ही लौट गए।