फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाशिंग लाइन के स्टाफ की लापरवाही से बर्निंग ट्रेन बनने से बची लखनऊ मेल

विज्ञापन
ट्रेन में लगी आग - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

मुरादाबाद मंडल के अफसरों ने दिया कार्रवाई का निर्देश, गहनता से जांच शुरू
विज्ञापन

चारबाग स्टेशन के यार्ड में होता है लखनऊ मेल का मेंटीनेंस

बरेली। लखनऊ मेल के जनरल कोच में वैक्यूम पाइप में चिंगारियां उठने से आग लगने के मामले की जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक छानबीन के बाद मुरादाबाद के मंडलीय अधिकारियों ने प्रथमदृष्टया मेंटीनेंस करने वाले स्टाफ की लापरवाही सामने आने के बाद उसके खिलाफ लखनऊ मंडल के अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा है। इस वीआईपी ट्रेन में हुई इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
विज्ञापन

लखनऊ मेल का मेंटीनेंस चारबाग स्टेशन के यार्ड में होता है। छानबीन के बाद प्रथमदृष्टया वाशिंग लाइन स्टाफ की मेंटीनेंस में लापरवाही हादसे की वजह मानी जा रही है। मुरादाबाद डिविजन के एडीआरएम अश्विनी कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारबाग के वाशिंग लाइन स्टाफ पर कार्रवाई की बात कही है। उनका कहना है कि संरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। बता दें कि मंगलवार देर रात नई दिल्ली से लखनऊ जा रही लखनऊ मेल के साधारण कोच के वैक्यूम पाइप में धुआं निकलने के बाद चिंगारी निकलना शुरू हो गई थी। कोच में धुआं भरने से अफरातफरी मच गई थी। बुधवार सुबह 2:40 बजे ट्रेन जंक्शन पर रुकते ही यात्री कोच से प्लेटफार्म पर आ गए थे। ट्रेन करीब आधा घंटे तक जंक्शन पर खड़ी रही थी।

लखनऊ में छह घंटे पर होता है ट्रेन का मेंटीनेंस

लखनऊ मेल सुबह लखनऊ पहुंचने के बाद रात दस बजे नई दिल्ली के लिए चलती है। सूत्रों का कहना है कि ट्रेन का मेंटीनेंस चारबाग स्थित यार्ड में होता है। छह घंटे की चेकिंग के बाद ट्रेन चलाने के लिए फिट करार दी जाती है। जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली में दिन भर ट्रेन खड़ी रहने के दौरान केवल ट्रेन के कोचों की सफाई ही की जाती है, वहां मेंटीनेंस संबंधी कोई काम नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें