बरेली। आरपीएफ दरोगा के बहेड़ी के बुकिंग क्लर्क से दो लाख रुपये लेने के मामले की जांच रिपोर्ट आरपीएफ के आला अधिकारियों ने एनई रेलवे के मुख्यालय भेज दी है। पूछताछ में टिकट बाबू ने रुपये देने से इंकार कर दिया है। आरपीएफ ने निजी टिकट विंडों के संचालक के एकाउंट को भी खंगाला, लेकिन उसमें पंजाब से रुपये भेजने की एंट्री नहीं थी।
इज्जतनगर मंडल के आरपीएफ के आला अधिकारी ने बुकिंग क्लर्क को ब्लैकमेल करके दो लाख रुपये हड़पने की जांच विजिलेंस टीम से कराई थी। टीम ने बुकिंग क्लर्क से पूछताछ की, लेकिन उसने इस मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। टीम ने बहेड़ी स्टेशन पर अन्य रेल कर्मचारियों से भी बात की। निजी टिकट विंडों के सभी एकाउंट की डिटेल चेक की, लेकिन उसमें पंजाब से रुपये ट्रांसफर होने की एंट्री नहीं मिली।
बृहस्पतिवार को विजिलेंस की टीम ने जांच पूरी कर आरपीएफ के आला अधिकारी को सौंप दी। जांच रिपोर्ट एनई रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर भेज दी गई है। गौरतलब है कि आठ अगस्त को दरोगा के एक परिचित की पत्नी विंडों पर टिकट लेने गई थी। ट्रेन छूट जाने पर टिकट बाबू ने उसे टिकट नहीं दिया। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई थी। अगले दिन उक्त महिला ने तहरीर देकर टिकट बाबू पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इसके बाद दरोगा ने टिकट बाबू को हिरासत में लेते हुए क्लीनचिट देने के नाम दो लाख रुपये मांगे। यह भी बताया जाता है कि दरोगा ने रुपये अपने एकाउंट में ट्रांसफर न लेकर निजी टिकट संचालक के एकाउंट में ट्रांसफर कराए। चार लोगों ने 50-50 हजार रुपये ट्रांसफर किए, जिससे शक न हो। टिकट बाबू ने इसकी शिकायत मंडलीय अधिकारियों से की है।
इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच में दरोगा निर्दोष है, रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।