बरेली। प्रदेश सरकार ने पीलीभीत रोड पर बरेली एयरपोर्ट तक आवाजाही आसान करने के लिए फोरलेन प्रोजेक्ट स्वीकृत कर दिया है। इसके लिए करीब 153.30 करोड़ की लागत से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, सेटेलाइट चौराहे से एयरपोर्ट और बड़ा बाईपास तक करीब 20 किमी लंबी सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इसमें मयूर वन चेतना केंद्र के उस खूनी मोड़ का भी चौड़ीकरण शामिल है जहां हादसों में तमाम लोग जान गवां चुके हैं। कोशिश की जा रही है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाए।
एयरपोर्ट हवाई सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार हो चुका है और अब एयरलाइन कंपनियों ने यहां सुरक्षा अधिकारी भी तैनात करने शुरू कर दिए हैं। प्रशिक्षण देने के बाद पुलिस फोर्स की भी तैनाती कर दी गई है। एयरपोर्ट शुरू करने के साथ वहां आने वाले यात्रियों की सुगमता के लिए शहर और दूसरे खास इलाकों तक सड़कों का बेहतर नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की जा रही है। कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सांसदों और विधायकों के साथ हुई वेबनार में भी एयरपोर्ट तक सड़क को चौड़ा किए जाने का मुद्दा उठा था। मुख्यमंत्री ने डीएम और कमिश्नर को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया जिसके बाद यह जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई थी। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर प्रशासनिक अफसरों को सौंप दी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में पीलीभीत रोड पर मयूर वन चेतना केंद्र का वह खूनी मोड़ भी शामिल है जहां अक्सर हादसों में लोग जान गवां चुके हैं। लोक निर्माण विभाग इस गहरे मोड़ पर सड़क तो चौड़ी करेगा ही, इसके साथ इस मोड़ की गहराई भी कम करेगा ताकि यहां से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए खतरा कम हो जाए।
बाधा.. अवैध कब्जों और
धर्मस्थलों को कैसे हटाएंगे
इस प्रोजेक्ट में पीलीभीत बाईपास का बड़ा हिस्सा शामिल है जिस पर अवैध कब्जों की भरमार के साथ सड़क की सीमा में बने कई धर्मस्थल भी हैं। इनमें ज्यादातर निर्माण पक्के हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के सामने प्रोजेक्ट की शुरुआत में ही इन अवैध कब्जों को हटाने की चुनौती होगी। हालांकि इन कब्जों को चिन्हित किया जा चुका है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक सड़क को चौड़ा करने में उसके दोनों ओर खड़े 2788 पेड़ों को भी काटना पड़ेगा।
एक रिंग रोड के दायरे में तीन
विधानसभा, दो संसदीय क्षेत्र
चुनाव के लिहाज से इस रिंग रोड प्रोजेक्ट को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 20 किलोमीटर लंबा यह रिंग रोड जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र और दो संसदीय क्षेत्रों को अपने दायरे में लेगा। यह रिंग रोड बरेली और आंवला संसदीय क्षेत्र के साथ कैंट, भोजीपुरा और बिथरी विधानसभा क्षेत्र से गुजरेगा। यही वजह है कि रिंग रोड प्रोजेक्ट में कई जनप्रतिनिधि भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पीलीभीत बाईपास पर सर्विस लेन भी बनाई जानी है।
जिस फोरलेन प्रोजेक्ट को शासन ने मंजूरी दी है, वह सेटेलाइट चौराहे से एयरपोर्ट और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तक को कवर करेगा। यह प्रोजेक्ट 153.3 करोड़ का है। - देवेंद्र कुमार मिश्रा, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी
यह फोरलेन प्रोजेक्ट जिले के लोगों को बड़ी सुविधा प्रदान करेगा। कुछ समय पहले वेबिनार में इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात हुई थी। - संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री
फोरलेन रिंग रोड लागत 15330 लाख रुपये
लंबाई 19.92 किलोमीटर
हटेंगे पेड़ 2788
बिजली की लाइन शिफ्टिंग 3200 लाख रुपये