बरेली। 166 साल से निकाली जा रही रामबरात और 74 वर्ष पुरानी नृसिंह शोभायात्रा पहली बार अलग-अलग तिथियों पर निकाली जाएंगी। चंद्र ग्रहण के चलते दोनों शोभायात्राओं की तिथियों में बदलाव हुआ है।
रामलीला सभा के प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि चंद्र ग्रहण की वजह से इस बार रामबरात दो फरवरी को निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रहण के सूतक काल में भगवान के स्वरूप को रथ पर नहीं बैठाया जा सकता।
वहीं, भगवान नृसिंह शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष पंडित विजय शर्मा ने बताया कि कई पंडितों से वार्तालाप के बाद यह निर्णय हुआ है कि शोभायात्रा होली के दिन ही निकलेगी। चंद्र ग्रहण का यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यात्रा में हर साल की तरह झांकियां मौजूद रहेगी।
भव्यता पर पड़ेगा असर
अब तक बमनपुरी से रामबरात के साथ ही चाहबाई से नृसिंह शोभायात्रा निकाली जाती थी। कुतुबखाना पर दोनों शोभायात्राएं मिल जाती थीं। भीड़ बढ़ने से शोभायात्रा और भव्य हो जाती थी। अलग-अलग तिथियों पर शोभायात्राएं निकलने से उनमें भीड़ कम रहने की उम्मीद है।