बरेली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये की ओर से पाकिस्तान को मदद पहुंचाए जाने से शहर के व्यापारी आक्रोशित हैं। वे इन देशों के उत्पादों की बिक्री न करने और उन्हें नष्ट करने का अभियान शनिवार से शुरू करेंगे। शुक्रवार को बरेली इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्टर मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन (बेकमा) ने सिकलापुर चौराहे पर तुर्किये और अजरबैजान का राष्ट्रीय ध्वज जलाकर विरोध जताया। सड़क पर इनके झंडे लगाकर उसपर यातायात संचालित किया।
संगठन के अध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि तुर्किये में जब भूकंप आया था तो भारत ने सहायता मुहैया कराई थी। महामंत्री राजन गुप्ता ने भारत सरकार से इन देशों से व्यापारिक संबंध समाप्त करने की मांग की। साथ ही, चीनी वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाने की मांग की, ताकि उनकी बिक्री भारत में न हो सके। संरक्षक संजीव चांदना ने कहा कि हमारा आर्थिक बहिष्कार ही इन दोनों देशों को सबक सिखाएगा। सभी व्यापारियों ने संयुक्त रूप से इन दोनों देशों के कोई भी उत्पाद इस्तेमाल न करने और पर्यटन के बहिष्कार की शपथ ली। यहां राजीव कथूरिया, शरद सिंघल, अरुण भसीन, पवन चांदना, राजीव, मुदित अग्रवाल, बबलू जायसवाल, सौरभ भसीन, अमित विज्जन समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे। ब्यूरो
नहीं बेचेंगे दुश्मन देश के उत्पाद
बरेली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की बैठक श्यामगंज स्थित कार्यालय पर हुई। प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि तुर्किये, अजरबैजान ने भारत की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। लिहाजा, शनिवार से व्यापारियों से संपर्क कर इन देशों के उत्पादों का बहिष्कार कराएंगे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा के आह्वान पर यह जागरूकता मुहिम चलाई जाएगी। व्यापारी नेता राजेश जसोरिया ने कहा कि व्यापार मंडल की टीम बाजार में पहुंचकर इन देशों से आयातित माल को नष्ट कराने का प्रयास करेगी। बैठक में दुर्गेश खटवानी, मनमोहन सब्बरवाल, दर्शन लाल भाटिया, दिलीप गुप्ता, ईशान गुप्ता, रचित गुप्ता, ईशान सक्सेना, मोहसिन आलम, प्रकाश आयलानी, विपिन गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
तुर्किये, अजरबैजान के ड्राई फ्रूट और मोती की हो रही बिक्री
तुर्किये और अजरबैजान से जिले में सर्वाधिक ड्राई फ्रूट का कारोबार होता है। मेवा कारोबारियों ने भी इन देशों से भविष्य में कोई भी उत्पाद न मंगाने का संकल्प लिया है। जो उत्पाद मंगाए हैं, उन्हें वापस करेंगे। कारोबारी संजोग आनंद के मुताबिक, तुर्किये से खुमानी, अखरोट, टर्की काजू मंगाया जाता है। अजरबैजान के बाकू स्थित यशील बाजार से अंजीर, हेजिल नट, किशमिश आता है। अब इनको नहीं मंगाएंगे। सराफा कारोबारी संजीव औतार अग्रवाल के मुताबिक, इन दोनों देशों से मोती, सोना, सीमेंट, मार्बल, स्टील भी आयात होता है। भविष्य में इनसे कोई कारोबार न करने का संकल्प कारोबारियों ने लिया है। ब्यूरो