'नो यूपीआई डे' का एलान
व्यापारियों के आह्वान पर शुक्रवार दो अक्तूबर को 'नो यूपीआई डे' मनाया जाएगा। इस दिन कोई भी व्यापारी यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करेगा। प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह फैसला अभी कम व्यापारियों को प्रभावित कर सकता है। लेकिन हर व्यापारी को संरक्षित करना आवश्यक है। नकद लेनदेन बढ़ने से सीधे तौर पर जीएसटी संग्रह प्रभावित होगा।
बैंकों पर मनमानी का आरोप
दुर्गेश खटवानी ने बैंकों पर कई सेवाओं के लिए अनुचित शुल्क वसूलने का आरोप लगाया। इनमें नकद जमा, न्यूनतम शेष, खाता रखरखाव और विवरण प्राप्त करना शामिल है। एसएमएस अलर्ट और बीमा के नाम पर भी बिना सहमति के पैसे काटे जा रहे हैं। व्यापारियों ने इन शुल्कों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।