चीनी मिल पर बकाया है 74 करोड़ रुपये
चीनी मिल पर किसानों का वर्ष 2023-24 में 107 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया था, जिसमें 91 करोड़ 64 लाख रुपये का भुगतान करा दिया। वर्ष 2024 -25 में ओसवाल चीनी मिल ने किसानों से 39 करोड़ 45 लाख रुपये का गन्ना खरीदा लेकिन भुगतान नहीं किया। अब ओसवाल मिल पर किसानों का ब्याज समेत लगभग 74 करोड़ रुपये हो गया है। प्रशासन ने मिल की आरसी जारी भूमि को कुर्क कर दिया। इसके बावजूद मिल ने किसानों का भुगतान नहीं किया। बाद में प्रशासन ने पुणे से तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम बुलाकर मिल का मूल्यांकन कराया। टीम ने मिल का 180 करोड़ रुपये में मूल्यांकन किया है।
गुरुद्वारे और मंदिर के पुजारियों को रहेगी छूट
ओसवाल मिल के अंदर बने गुरुद्वारे के जत्थेदार और मंदिर के पुजारियों को मिल में आने जाने पर रोक नहीं लगाई गई है। मिल के अंदर इनके अलावा मिल का कोई भी कर्मचारी प्रशासन की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं करेगा। मिल पर पुलिस की तैनाती की जाएगी। साथ ही मिल के गेट के बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात रह सकते हैं।
एसडीएम सचिन यादव ने बताया कि किसानों का गन्ना बकाया भुगतान को लेकर प्रशासन ने ओसवाल चीनी मिल परिसर में नीलामी की झंडी को लगा दिया है। 22 अक्तूबर को नीलामी की जाएगी। पूरी मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ रुपये है। नीलामी तक मिल में तालाबंदी कर दी गई है। प्रशासन की अनुमति के बिना किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसानों का शीघ्र भुगतान कराया जाएगा।