निरीक्षण करने फर्रुखाबाद जा रहे थे, सिटी स्टेशन के पास हुआ हादसा
बरेली। कोहरा बढ़ते ही हादसे भी शुरू हो गए है। सिटी स्टेशन के पास पेट्रोलिंग कर रहे ट्रैकमैन की शुक्रवार को डीआरएम स्पेशल ट्रेन से कटकर मौत हो गई। डीआरएम स्पेशल ट्रेन से हादसा होने पर कई यूनियन विरोध में उतर आई हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
शुक्रवार सुबह सात बजे इज्जतनगर रेल मंडल के डीआरएम आशुतोष पंत निरीक्षण के लिए स्पेशल ट्रेन से फर्रुखाबाद जा रहे थे, वहां से उन्हें कानपुर सेक्शन का भी निरीक्षण करना था। सिटी स्टेशन के पास परतापुर के रहने वाले ट्रैकमैन शबाब हुसैन पेट्रोलिंग कर रहे थे। घने कोहरे के कारण लोको पायलट को ट्रैक मैन शबाब हुसैन नहीं दिखाई दिया। वह इंजन की चपेट में आकर कट गया। सूचना मिलते ही इज्जतनगर मंडल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आरपीएफ इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार, जीआरपी इंस्पेक्टर आदि मौके पर पहुंच गए। जीआरपी ने शव का पंचनाम भरकर पोस्टमार्टम को भेजा। मृतक के पास से पटाखे आदि भी मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इधर, हादसे की सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग अनुुुुभाग के अनेक कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। डीआरएम स्पेशल ट्रेन से हुए हादसे से कर्मचारियों में रोष है।
ट्रैकमैन की पेट्रोलिंग के घंटे कम करने की मांग
हादसे के बाद पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के महामंत्री विश्वेश्वर राय ने एनई रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर ट्रैकमैन की ड्यूटी के घंटे 16 से 12 घंटे करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामूली बात पर भोजीपुरा सेक्शन के 14 ट्रैकमैनों को दंडित किया जाना उत्पीड़न है। सहायक महामंत्री जेएस भदौरिया ने कहा कि सीतापुर सेक्शन का एक ट्रैकमैन भी पटरियों पर हादसे में घायल हो गया था, जो लखनऊ के अस्पताल में भर्ती है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने हादसे को दर्दनाक बताते हुए मृतक के परिवार को कर्मकार भुगतान अधिनियम 1923 के तहत 25 लाख रुपये का मुआवजा और एक आश्रित को नौकरी देने की मांग की है।