सावन और उर्स में उमड़ता है आस्था का सैलाब
पर्यटन विभाग के अनुसार सावन माह और उर्स के दौरान बरेली में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है। सात नाथ मंदिरों के कारण सावन में पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, लखीमपुर, रामपुर समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सावन के चार-पांच सोमवार को पूरा शहर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठता है। इसी तरह आला हजरत के उर्स के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेश से भी लाखों जायरीन बरेली आते हैं और कई दिनों तक शहर में ठहरते हैं। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि
2023 : 81.26 लाख
2024 : 99.13 लाख
2025 : 1.10 करोड़
ऐसे होती है पर्यटकों की गणना
पर्यटन विभाग के मुताबिक, पर्यटकों की गणना सिर्फ सावन व उर्स के आधार पर नहीं होती है। शहर में पार्क, त्योहार, परीक्षा, शादी में आने वालों को भी पर्यटकों की गिनती में शामिल किया जाता है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार पर्यटन नीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। सात नाथ होने की वजह से पर्यटकों की संख्या यहां पर हर साल बढ़ रही है। बढ़ती संख्या को देखते हुए अन्य नीतियां भी बनाई जा रही हैं।